
पटना से बड़ी खबर है जहां सृजन घोटाले के आरोपी अरुण कुमार की मौत हो गई है। अरुण कुमार 2018 से बेऊर जेल में बंद थे।
जानकारी के अनुसार, पटना में सृजन घोटाले के आरोप में बेऊर जेल में बंद अरुण कुमार की शनिवार की रात मौत से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वह 2017 से बेऊर जेल में बंद थे।
जानकारी के अनुसार, जेल में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में पीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
करीब 61 साल के अरुण कुमार भागलपुर के जिला कल्याण पदाधिकारी थे। इसी घोटाले में उनकी पत्नी इंदु गुप्ता भी आरोपित थीं। लेकिन उन्हें जमानत मिल गयी थी।
अरुण के छोटे भाई की पत्नी सुषमा ने आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन की लापरवाही की वजह से उनकी मौत हुई है। उनकी तबीयत काफी पहले से खराब थी। मगर जेल प्रशासन ने उन्हें पीएमसीएच भेजने में देर कर दी और ब्रेन हेमरेज से उनकी मौत हो गयी।
शनिवार की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। अरुण के मौत के बाद परिजनों ने बेउर जेल के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पिछले 2 दिनों से अरुण कुमार की तबीयत जेल के अंदर खराब थी।
इसके बावजूद भी उन्हें इलाज के लिए नहीं ले जाया गया, शनिवार को अचानक तबीयत खराब होने के बाद उनकी जेल में ही मौ’त हो गई थी। इसके बाद उन्हें पटना के पीएमसीएच भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, दो महीने भागलपुर जेल में रखने के बाद अरुण कुमार को 2018 में पटना के बेउर जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। सृजन घोटाला मामले में सीबीआई की ओर से उन पर दो मामले दर्ज किए गए थे।
इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी उन पर चल रहा था। जून महीने में ही एक मामले में उनकी सुनवाई पटना के न्यायालय में होनी थी। लेकिन, उससे पहले इनका देहांत हो गया।
अरुण कुमार भागलपुर में जिला कल्याण पदाधिकारी थे। इसी दौरान सृजन घोटाला प्रकाश में आने के बाद सीबीआई ने उन्हें वर्ष 2017 में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद सीबीआइ ने 2019 में कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करते हुए इनकी पत्नी इंदू गुप्ता के बोरिंग रोड स्थित श्रीभगवान कुंज अपार्टमेंट स्थित फ्लैट, शास्त्री नगर की जमीन और बाकरगंज स्थित दुकान को कुर्क कर लिया था।