



प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान देशज टाइम्स। नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों का दर्द इन दिनों बढ़ता ही जा रहा है।
कुशेश्वरस्थान को नया नगर पालिका का दर्जा मिला। और, यहां कुछ महीने पहले चुनाव भी संपन्न हुआ। चुनाव हुए कई महीने बीत गए पर आज तक नगर पंचायत को अपना अधिकार नहीं मिल पाया है।
चुनाव होने के बाद मुख्य पार्षद नगर पंचायत के वार्ड पार्षद के सहमति से पंचायत सरकार भवन में शिफ्ट किया गया। लेकिन बाबा कुशेश्वर नाथ न्यास समिति और नगर पंचायत के बीच कई विवाद होने से यहां के विकास कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही है।
एक तरफ बिना किसी तरह के प्रमाण का बाबा कुशेश्वर नाथ समिति बाजार के 26 एकड़ भूमि पर अपना दावा पेश कर रही है कि बाजार का आधा से अधिक हिस्सा न्यास का है।
वहीं, नगर पंचायत का कहना है कि जहां तक नगर पंचायत का क्षेत्र है वो मेरा है। अपने हक की मांग को लेकर नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने अनुमंडल से लेकर जिला मुख्यालय तक लिखित में मांग की है कि नगर पंचायत का क्षेत्र बताया जाए कि कुशेश्वरस्थान में नगर पंचायत का क्षेत्राधिकार कहां तक है।
वहीं न्यास समिति की ओर से पार्किंग, तालाब आदि का गुप्त डाक कर दिया जाता है। कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत में कुल 13 वार्ड है। इसमें 2 वार्ड बहेड़ा और 3 वार्ड धबोलिया का है जो ग्रामीण क्षेत्र से लिया गया है।
वहीं 8 वार्ड कुशेश्वरस्थान में है। इन 8 वार्डो में 3 वार्डो पर न्यास अपना दावा पेश कर रहा है जो कुशेश्वरस्थान मुख्य बाजार है।
वहीं जानकर सूत्र बताते है कि बाबा कुशेश्वर नाथ मंदिर का इतिहास लगभग पांच सौ साल पुराना है। वहीं, मंदिर का प्रांगण लगभग एक एकड़ से अधिक में फैला हुआ है। और मंदिर कमेटी जिस 26 एकड़ भूमि पर अपना दावा करती है उसका न्यास के पास कोई प्रमाण नहीं है।
न्यास 26 एकड़ में सिर्फ अवैध वसूली कर रही है। उक्त 26 एकड़ में जितने भी लोग बसे हैं उनके पास कोई ना कोई प्रमाण है कि वह जमीन उसका है।
वहीं नगर पंचायत का मानना है कि अगर बाजार पर न्यास दावा कर रही है तो फिर कुशेश्वरस्थान को नगर पंचायत का दर्जा ही क्यों दिया गया पूरे बाजार का विकास न्यास ही करता।
नगर का दर्जा प्राप्त होने के बाद से ग्राम पंचायत से हो रहे थोड़े बहुत विकास जो होता था वह भी बंद हो गया। यहां अभी सिर्फ नाले और सड़क की सफाई ही नगर पंचायत का काम रह गया है।
अगर कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत में विकास रुका हुआ है इसका जिम्मेदार कौन है। सरकार जल्द तय करें कि आखिर कुशेश्वरस्थान में न्यास विकास करेगा या नगर पंचायत के अधीन होगा यहां का विकास।




