

उत्तम सेन गुप्ता की बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क से EXCLUSIVE REPORT। बिरौल प्रखंड के कुछ पंचायत ऐसे हैं जहां मनरेगा योजना के नाम पर लाखों रुपए गबन किये जा रहे हैं। अभी तक सात लाख से अधिक की राशि का गबन हो चुका है। देशज टाइम्स के पास जो सबूत और कागजात हैं, साफ है, इस योजना में जमकर लूटखसोट हुई है। अधिकारियों ने जमकर बंदरबांट किया है। पढ़िए यह खास रिपोर्ट…
सरकारी राशि के इस गबन मे मनरेगा पीओ, पंचायत रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, लेखापाल एवं मुखिया के मिली भगत होने का खुलासा लोकपाल की ओर से योजना स्थल के जांच से हुई है।
फिलहाल बिरौल प्रखंड के मनौर भौराम पंचायत का मामला सामने आया है। इसमें अमित कुमार यादव पिता गौरी शंकर यादव ग्राम पंचगछिया थाना बिरौल जिला दरभंगा की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर लोकपाल (मनरेगा) कार्यालय दरभंगा में परिवाद संख्या 51/22 दर्ज किया गया था।
दर्ज परिवाद के आलोक में लोकपाल की ओर से योजना स्थल के निरीक्षण एवं स्थानीय जांच 4 मार्च 2023 को रोजगार सेवक एवं आवेदक के उपस्थिति में किया गया।
जांचोपरांत लोकपाल की ओर से उप विकास आयुक्त जिला पदाधिकारी तथा सचिव ग्रामीण विकास विभाग बिहार पटना को दिए गए अपने मंतव्य में कहा है कि आवेदक अमित कुमार यादव की ओर से अपने आवेदन में लगाए गए पांच विभिन्न योजनाओं की जांच की गई।
इसमें योजना कोड LD/20351385, योजना कोड IF20662049 एवं योजना कोड IF20668998 का स्थल के निरीक्षण,अभिलेखों के अवलोकन,योजना की समीक्षा से यह स्पष्ट होता है कि तीनों योजना मिलाकर कुल 736070,00 रुपये की निकासी कार्यपालक
पदाधिकारी पीओ मनरेगा राजेश कुमार सिंह, सुनील कुमार तत्कालीन पंचायत तकनीकी सहायक, सुरेश साह तत्कालीन पंचायत रोजगार सेवक, राधा रानी तत्कालीन लेखापाल एवं रामबालक साह वर्तमान मुखिया ग्राम पंचायत राज मनौर भौराम की ओर से कर ली गई है।
जांच पदाधिकारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में कहा है कि इस प्रकार तीनों योजना में गबन किए गए कुल 7 लाख 36 हजार 70 रुपये वसूली किया जा सकता है।
साथ ही इन लोगों के विरोध अनुशासनिक कार्रवाई भी किया जा सकता है। इस प्रकार मनरेगा योजना के नाम पर कार्य किये बगैर सरकारी राशि का दुरूपयोग हो रहा है।


