



गाजियाबाद से बड़ी खबर है जहां पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप से धर्मांतरण कराने के मुख्य आरोपी शाहनवाज मकसूद उर्फ बद्दो को रिमांड पर लेकर तीन दिन की गई पूछताछ में उसकी साजिश से पर्दा उठ जाने का दावा किया है।
बद्दो का पाकिस्तान के लोगों के साथ मोबाइल पर संपर्क रहा है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल से पुलिस को इसके साक्ष्य मिल गए। इस पर पर्दा डालने के लिए उसने झूठ बोला कि उसकी दादी और मां पाकिस्तान की हैं। पुलिस की पड़ताल में इसका खुलासा हो गया।
वह ऑनलाइन गेमिंग एप में महारथी था। उसने उसी को अपना हथियार बनाया और दूसरे धर्मों को किशोरों का धर्मांतरण कराने में लग गया। उधर, तीन दिन की रिमांड पूरी होने पर बद्दो को सोमवार को जेल भेज दिया गया। इससे पहले उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेशी हुई। अगली सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख लगी है।
उसकी इंस्टाग्राम आईडी में पुलिस एक ऐसा ग्रुप मिला है जिसमें चार पाकिस्तानी युवक जुड़े थे। बद्दो ने उन्हें बताया था कि वह चार लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। पुलिस ने इस संबंध में बद्दो से सवाल किया तो उसने गेमिंग एप के जरिये ही उनसे दोस्ती होने की बात कही। अधिक जानकारी के लिए पुलिस ने इंस्टाग्राम को पत्र लिखकर युवकों के बारे में जानकारी मांगी है।
पूछताछ में बद्दो ने बताया कि फोर्टनाइट गेमिंग एप के जरिये 2021 में उसकी राजनगर के पीड़ित लड़के से उसकी जान पहचान हुई थी। उसके बाद दोनों डिकोड प्रणाली का इस्तेमाल करके फोन पर बात करने लगे। बीच में दोनों ने गेम खेलना बंद कर दिया था। लेकिन दिसंबर 2021 में वोलोरेंट के जरिए फिर गम खेलने की शुरुआत की।
गेम खेलते खेलते आइस बॉक्स के टारगेट पर पहुंचे। यहीं पर पहली बार धर्मांतरण को लेकर बातचीत हुई। इसी दौरान भगोड़े जाकिर नाईक के भाषणों पर चर्चा हुई।
इससे पीड़ित प्रभावित होता गया और उसने इस्लाम के तरीके अपना लिए। पुलिस अब तक तीन किशोरों से पूछताछ कर चुकी है। तीनों ने एक ही तरीका बताया है।
पुलिस का कहना है कि 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर संसद में अध्यादेश आने के बाद उसने यह साजिश रची। उसने जब दिल्ली समेत कई जगह सीएए का विरोध होते देखा तो उसने बदले की भावना से धर्मांतरण कराना शुरू किया।
उसके मोबाइल में सभी चैट 2019 के बाद की ही मिली हैं, जबकि वह गेमिंग एप इससे पहले से इस्तेमाल कर रहा था। उसके इस मकसद का उल्लेख पुलिस आरोप पत्र में करेगी।
वह किशोरों को ऑनलाइन गेम में पहले हरवा देता था। फिर कहता था कि कुरान की आयत पढ़कर खेलो, जीत जाओगे। इस तरह किशोरों को बहकाकर उनका धर्मांतरण करवा देता था। राजनगर के किशोर के साथ भी ऐसा ही किया। किशोर घर से जिम जाने के लिए कहकर निकलता था और नमाज पढ़ने पहुंच जाता था।
अब पुलिस ने संजय नगर स्थित मस्जिद कमेटी से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अभी तक 15 सदस्यीय कमेटी में से तीन सदस्यों से पूछताछ कर चुकी है। सभी इस संबंध में जानकारी होने से इन्कार कर रहे हैं।
मई में धर्मांतरण का मामला उजागर होने के बाद प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पुलिस को कमेटी ने कुछ समय पहले कमेटी के सदस्य अब्दुल रहमान को निकाले जाने की जानकारी दी थी लेकिन उसके निकाले जाने के बाद भी वह कमेटी में सक्रिय पाया गया।
पुलिस ने अब कमेटी के सदस्यों से फिर से पूछताछ की और निकाले जाने के बाद अब्दुल के सक्रिय होने पर सवाल किया तो सभी चुप्पी साध गए। मामले में पुलिस अन्य सदस्यों से एक-एक कर पूछताछ करने में जुटी है। अब्दुल रहमान भी धर्मांतरण केस में नामजद आरोपी है।
डीसीपी निपुण अग्रवाल का कहना है कि बद्दो की रिमांड पर कई सवालों के जवाब मिल गए हैं। आगे की जांच के लिए इंस्टाग्राम समेत नेटवर्क कंपनियों से जानकारी मांगी गई है। मस्जिद कमेटी के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।




