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फ़रवरी, 14, 2026
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Darbhanga के बाबाधाम कुशेश्वरस्थान मंदिर में इ का बा…, सावन आने वाला है, न्यास की चुपके-चुपके वाली पॉलिसी, पिछले साल की भगदड़…बहुत कुछ कहती है

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प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान देशज टाइम्स। पवित्र महीना सावन का ज्यादा दूर नहीं है। श्रावण में बिहार का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवनगरी बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में प्रत्येक वर्ष लाखों शिवभक्त पहुंचते है।

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यहां भीड़ पर नियंत्रण करना प्रशासन के लिए इतना आसान नही होता है। बाबा नगरी में प्रत्येक सोमवारी को रात के एक बजे से ही भक्त कतार में लग जाते हैं। पिछले वर्ष का अगर रिकॉर्ड देखा जाय तो अंतिम सोमवारी में लगभग एक लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा कुशेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया था।

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श्रावण मेले से पहले तैयारी को लेकर न्यास के अध्यक्ष सह एसडीएम संजीव कुमार कापर और एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक की गई थी। इसमें भीड़ को देखते हुए श्री कापर ने सीओ अखिलेश कुमार को निर्देश दिया था कि बाजार के सड़को पर जो अतिक्रमण है उसे सोमवारी से पहले हटाया जाय। लेकिन सीओ साहब ठहरे पदाधिकारी भला वह क्यों अतिक्रमण हटाये। एक वर्ष बीत गया पर आज तक अतिक्रमण नही हटाया गया।

अब इस बार भी तैयारी को लेकर लगभग एक सप्ताह पूर्व न्यास की बैठक की गई कि भीड़ से कैसे निपटा जाए ताकि भक्तों को किसी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही कई अन्य अहम मुद्दों पर सिर्फ चर्चा की गई।

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कमाल की बात यह है कि न्यास के जो भी सदस्य हैं वह बैठक भी चुपके से करते हैं। बैठक की जानकारी की भनक तक स्थानीय लोगों और मीडिया तक नही पहुंच पाती है। अगर न्यास की बैठक में स्थानीय लोगों को शामिल किया जाए और उनकी भी राय ली जाए तो हद तक समस्याओं पर नियंत्रण किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि पिछले वर्ष अंतिम सोमवारी में भगदड़ मची थी। इसमें स्थानीय लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर हालात को काबू किया था।

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अब सवाल यह है कि क्या बैठक करने से समस्याओं पर नियंत्रण किया जा सकता है। प्रत्येक वर्ष बस यही होता आ रहा है। श्रावण से पहले पूरे जोश के साथ अतिक्रमण मुक्त करने पर प्रस्ताव रखा जाता है। और, वह प्रस्ताव में ही लिखा रह जाता है।

आखिर न्यास को इससे क्या ही फर्क पड़ता है। फर्क तो पड़ता है यहां के पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को। जानकार बताते हैं कि पिछले वर्ष लगभग सौ से अधिक पुलिड बल और चौकीदार एवं दफादार की तैनाती की गई थी।

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इसके बाबजूद काफी मशक्कत के बाद एसडीपीओ स्थानीय थानाध्यक्ष सहित विभिन्न थाना के पदाधिकारियों ने कमान संभाली थी। इस बार स्थानीय थानाध्यक्ष अमित कुमार विगत वर्ष के अपेक्षा सौ पुलिस बल अतिरिक्त की मांग की गई है।

नगर पंचायत के मुख्य पार्षद बताते हैं कि न्यास पूरी तरह सुस्त है। सब कुछ पुलिस प्रशासन पर छोड़ दिया जाता है। जितने पुलिस बल की यहां आवश्यकता है उतना मिल नही पता है। न्यास को चाहिए कि स्थानीय युवाओ को आईडी कार्ड निर्गत कर उससे प्रत्येक सोमवारी में सहयोग ले। यहां बहुत ऐसी संस्था है जो निःशुल्क कार्य करने के लिए तैयार है।
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