

महज दो दिनों पूर्व ही बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नैय्यर हसनैन खान ने बताया था कि ईओयू ने पहले ही 44 साइबर पुलिस थानों और जिला पुलिस को सोशल मीडिया मंचों पर उत्तेजक, आपत्तिजनक और नफरत भरे संदेशों की निगरानी करने, ऐसे गैरकानूनी कृत्यों में शामिल व्यक्तियों या संगठनों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए सतर्क कर दिया है।
अब इसके बाद सरकार और ईओयू पूरी सख्ती बरतने के मूड में है। इसके तहत अब बड़ी कार्रवाई में 130 एप बैन करने की तैयारी हो रही है।
अब आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। कई ऐसे मोबाइल एप को बैन किया जाएगा जिससे कर्ज देने और जुआ खेलने के नाम पर ठगी की जा रही है। करीब 130 ऐसे एप हैं जिनपर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्रीय इलेक्ट्रानिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से अनुशंसा की गई है।
पिछले दिनों बिहार में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर नकेल के लिए हर जिले में एक साइबर थाना की शुरूआत की गई थी। इसका मकसद ही था कि लोग इन साइबर ठगों से बचें।
खासकर ऐसे लोगों को मदद देने की बात हुई, जिन्हें आर्थिक रूप से काफी नुकसान हुआ है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई करने में लगा हुआ है। इसके बाद भी साइबर ठग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
दरअसल, जुआ व अन्य गेम खेलने और कर्ज देने के नाम पर कई मोबईल एप के जरिए ठगी या अवैध वसूली की जा रही है। इस तरह की शिकायतें आर्थिक अपराध इकाई को काफी समय से मिल रही है। बिहार के कई जिलों में लोगों ने ऐसे एप के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी है।
लोगों ने अपनी शिकायत में बताया कि एप पैसा उधार देकर काफी अधिक ब्याज की वसूली की जा रही है। अधिक ब्याज देने से माना करने पर धमकी भी दी जाती है। बता दें कि ऐसा करना आईटी एक्ट के उल्लंघन के साथ आपराधिक कृत्य भी है। लोगों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए 130 ऐसे एप को चिन्हित किया गया है, जिन्हें बैन किए जाने की तैयारी है।
ऐसी जानकारी मिली है कि इन एप के माध्यम से आने वाले पैसे का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग और कई गैर कानूनी कामों में किया जाता है। इस तरह के एप ग्राहकों को ऋण देने के बहाने ग्राहकों से जुड़ी सारी जानकारी पा लेते हैं। जिसके बाद उनके फोन को भी हैक कर लिया जाता है। काफी आसानी से साइबर ठग, ठगी करने में कामयाब हो जाते हैं।

