

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। कहते हैं जल ही जीवन है लेकिन प्रखंड क्षेत्र में कई ऐसे जगह हैं जहां विभाग की लापरवाही और मनमानी से लोगों को पेय जल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल संकट को हमेशा के लिए दूर करने के उद्देश्य से अपने सात निश्चय योजना में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने को शामिल किया है।लेकिन मुख्यमंत्री के इस योजना को सही रूप से अनुपालन करने मे विभाग विफल साबित हो रही है।
वर्तमान समय में बिरौल प्रखंड के सुपौल बाजार,नगर पंचायत बिरौल जहां हमेशा जल संकट से लोग जुझ रहे हैं। इसके अलावा ज्वलंत उदाहरण पड़री पंचायत का वार्ड संख्या आठ जहां दो दर्जन से अधिक परिवार पीएचईडी विभाग की लापरवाही ने पेयजल से बंचित कर दिया है। लोगों के शिकायत के बावजूद भी विभाग के अधिकारी इसे संज्ञान में लेना उचित नहीं समझा।
बताया जाता है कि पड़री पंचायत के वार्ड संख्या 8 में नलजल योजना के तहत पाईप वायरिंग किया गया था लेकिन संवेदक की लापरवाही से उक्त पाइप क्षतिग्रस्त हो गया।जिससे इस भीषण गर्मी में यहां के लगभग दो दर्जन परिवार पेय जल की समस्या से जूझ रहे हैं।
तत्काल ये परिवार दुसरे वार्ड से अपनी इस समस्या को दूर कर रहे हैं। यहां के जल संकट को लेकर सरपंच अच्युतानंद ठाकुर ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
सरपंच ने जिलाधिकारी को दिये मांग पत्र मे कहा है कि इस पंचायत में नल जल योजना का कार्य संबंधित विभाग के कराया गया है। इसमे घटित सामग्री उपयोग करने के कारण जमीन के निचे बिछाया गया पाइप दर्जनों जगह क्षतिग्रस्त हो गया है।
इसकी सूचना देने के बावजूद भी विभाग के अधिकारी देखने तक नहीं आये। इतना ही नहीं गर्मी से जलस्तर नीचे चले जाने से चापाकल भी लोगों से मुंह मोर लिया है।
इस समस्या से जूझ रहे पड़री पंचायत के वार्ड संख्या आठ के नरेश ठाकुर, मुकूंद ठाकुर, रामू मंडल, कारी मंडल, श्रीराम ठाकुर,सिंघेश्वर मंडल सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि पूर्व से ही यह समस्या उत्पन्न है।कुछ समय तक विभाग ने टैंकर से लोगों को पेय जल उपलब्ध कराया जाता था। जो वर्तमान समय में बंद हो चुका है।
सरपंच अच्युतानंद ठाकुर ने देशज टाइम्स को बताया है कि पेयजल संकट को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है।

