

केवटी, देशज टाइम्स। भारतीय अंगदान दिवस पर गुरूवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केवटी-रनवे में “अंगदान महोत्सव” का आयोजन किया गया।
महोत्सव की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मल कुमार लाल ने की। मौके पर मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने शपथ लिया कि हमारे देश में प्रत्यारोपण के लिए अंगों और उसको की कमी को देखते हुए यह प्रतिज्ञा करते हैं कि मैं अपने परिवार, मित्रों और देशवासियों को भी अपने अंग एवं उत्तक दान करने के लिए प्रेरित करने के सभी प्रयास करूंगा।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.लाल ने भारतीय अंगदान दिवस पर विस्तृत रूप से चर्चा की। कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना अंग अथवा उत्तक दान कर सकता है, परंतु 18 वर्ष से कम आयु होने की स्थिति में माता-पिता की सहमति आवश्यक है।
दानकर्ता को दो या अधिक गवाहों कम से कम एक करीबी रिश्तेदार की उपस्थिति में अंगदान की लिखित सहमति देना अनिवार्य है। कहा कि यदि मृत्यु से पूर्व कोई सहमति पत्र नहीं भरा गया है ,जो व्यक्ति कानूनी रूप से मृत शरीर का स्वामी है, उसे ही अंगदान की सहमति का अधिकार होगा।
दान किया गया अंग ऐसे व्यक्तियों बच्चों को प्रत्यारोपित किया जाता है, जिन्हें अपेक्षा से अधिक आवश्यकता होती है। कहा कि नेत्रदान की सुविधा पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल पटना , दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल दरभंगा, इंदिरा गांधी आयुर्वेदिक संस्थान पटना में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है।
महोत्सव में डॉ. इकबारूल रशीद, बीसीएम प्रमोद कुमार, परामर्शी राज नारायण मिश्रा, लैब टेक्निशियन सुष्मिता राज, बीएचडब्लू दिगंबर यादव, ब्रजमोहन चौधरी, प्रधान लिपिक गन्नू मंडल, आशुतोष कुमार, सकिन्द्र यादव, नरेश कुमार दास, देव नारायण यादव सहित कई मौजूद थे।



