

केवटी, देशज टाइम्स। आशा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर केवटी प्रखंड क्षेत्र की आशा व आशा फेसिलिटेटरों ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर 18 वें दिन गुरूवार को भी स्वास्थ्य सेवाओं का बहिष्कार कर सीएचसी, केवटी-रनवे पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान हड़ताली आशा व आशा फेसिलिटेटरों ने टीकाकरण कार्य को पूर्णतः ठप्प कर दिया। वहीं, धरना-प्रदर्शन स्थल से मेंहदी से अपने-अपने हाथों पर मांगों से संबंधित नारा मोदी सरकार मुर्दाबाद, नीतीश-तेजस्वी खोलो कान, पारितोषिक नहीं मानदेय चाहिए आदि नारा लिखा फोटो मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव के व्हाट्सएप पर आंदोलन का संदेश भेजकर कुंभकर्णी निंद्रा में सोई सरकार को जगाने का प्रयास किया।
मांगों व हड़ताल से अवगत कराया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह आंदोलन के नेता देवेन्द्र कुमार ने कहा कि यह अभी झांकी है।
संघर्ष की और रूप अभी बांकी है। सरकार नहीं जगी तो बिहार का चक्का जाम कर देंगे, लेकिन आंदोलनकारी झुकेंगे नहीं।
सभा को राखी कुमारी, उषा देवी, सुनीता कुमारी, शहनाज खातुन, सुनैना देवी, अनिता दास, इन्द्रा देवी, लीलावती देवी, किरण कुमारी, ललिता देवी, रेणू चौधरी, रीता झा, भावना देवी, पूनम कुमारी, जाहिरा खातुन, शाहिदा खातुन, नीलम देवी, सरिता देवी, पुतुल देवी, रानी देवी, रिचन देवी, साधना देवी आदि ने संबोधित किया।



