

बिहार के नौ जिलों में एक साथ आइटी यानी वाणिज्यकर विभाग की रेड पड़ी है। यह रेड टैक्स चोरी की शिकायत पर दी गई है। इसमें पटना समेत दरभंगा और मधुबनी भी शामिल है। कुल नौ जिलों में वाणिज्य कर विभाग की टीम ने एक साथ छापा मारा है।
इस छापे से व्यापारी वर्ग में हड़कंप मचा है। बीस से अधिक व्यपारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है। दरअसल पूरा मामला टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है। छापेमारी में 90 लाख से अधिक संपति जब्त की गई है।
जिन व्यपारियों पर छापेमारी की गई है, इनमें बारह व्यापारी ऐसे हैं, जो पिछले कई सालों से टैक्स दायित्व का शत-प्रतिशत भुगतान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से करते आ रहे हैं। वहीं, इनका व्यवहार संदिग्ध था।
जानकारी के अनुसार, पटना जिले के नौ समेत पूर्णिया, पश्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर जिले में दो-दो, मधुबनी, जहानाबाद, दरभंगा,औरंगाबाद एवं बक्सर जिले में एक-एक जगहों पर छापेमारी की गई है। इस जिलों में रहने वाले कुल बीस से अधिक व्यपारी छापेमारी के जद में आए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, जिन व्यपारियों पर छापेमारी की गई उनपर टैक्स चोरी करने का आरोप है। छापेमारी के दौरान तीन मामलों में कुल 3.73 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाए गए हैं।
वहीं, एक मामले में बीस लाख रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा किये जाने का मामला सामने आया है। वहीं, जीएसटी की टीम ने चार मामलों में 96 लाख की राशि का माल जब्त किया है। इस छापेमारी अभियान को लेकर विभाग की ओर से 23 संयुक्त दल का गठन किया गया, जिसमें कुल 73 पदाधिकारी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि 8 ऐसे व्यापारियों पर भी छापेमारी की गई, रेस्टोरेंट एवं वेयर हाउसिंग सेक्टर के कारोबार से जुड़े हुए हैं। सभी लोग गलत तरीके से तक का भुगतान कर रहे हैं।
विभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिमा ने बताया कि अपने कर दायित्व का भुगतान नियमित रूप से नहीं करने वाले व्यवसायियों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की गई है। आगे भी विभागीय कार्रवाई ऐसे व्यवसायियों के विरुद्ध जारी रहेगी।


