

बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने सोशल मीडिया पर ट्वीट पोस्ट कर साफ कह दिया है कि फिलहाल बीपीएससी की ओर से आयोजित होने वाली शिक्षक बहाली परीक्षा को स्थगित करने का कोई विचार नहीं है।
लेकिन, अभ्यर्थियों को आशंका है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी उम्मीदवारी कहीं रद न कर दी जाए। कारण, सुप्रीम कोर्ट ने बीएड पास अभ्यर्थियों को प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण के योग्य नहीं माना है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के एक मामले में प्राथमिक कक्षाओं में बीएड के योग्यताधारी शिक्षकों को नहीं शामिल करने का फैसला सुनाया था जिसका असर पूरे देश में पड़ा है। बिहार में इसी माह 1.70 लाख शिक्षकों की भर्ती के लिए बीपीएससी की ओर से परीक्षा लिया जाना है। इनके एडमिट कार्ड भी जारी कर दिये गये हैं। इनमें बड़ी संख्या में बीएड पास अभ्यर्थियों की है।
बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में 79943 पदों पर नियुक्ति के लिए बीपीएससी की ओर से 24 अगस्त से परीक्षा होनी है। इसमें 5 लाख से अधिक बीएड योग्यताधारी शिक्षक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इनकी उम्मीदवारी पर संकट है।
बीएड के योग्यताधारी शिक्षकों को प्राथमिक कक्षाओं में शामिल नहीं किये जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार शिक्षक अभ्यर्थी असमंजस में है। उनकी असमंजसता इस बात काे लेकर है कि यह समझ नहीं पा रहे हैं।
आखिर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें बीपीएससी की ओर से आयोजित होने वाली शिक्षक बहाली परीक्षा में शामिल किया जाएगा या नहीं और अगर शामिल किया जाता है तो क्या उन्हें सरकारी शिक्षक बनने का मौका दिया जाएगा।
हालांकि, अभ्यर्थियों की असमंजसता को देखते हुए खुद बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने ट्वीट कर बताया कि शिक्षक नियुक्ति परीक्षा निर्धारित समय पर ही आयोजित होगी लेकिन इसके बाद भी शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच बेचैनी बनी हुई है।
संघ ने की अभ्यर्थियों की असमंजसता समाप्त करने की मांग सातवें चरण शिक्षक बहाली के लिए संघर्षरत रहे बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर शिक्षक अभ्यर्थियों की दुविधा समाप्त करने की मांग की है।
आयोग की ओर से शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 24 से 26 अगस्त तक सभी जिला मुख्यालयों में दो पालियों में निर्धारित है। प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती नियमावली के अनुसार एक अभ्यर्थी को तीन बार ही परीक्षा में भाग लेने की अनुमति है।
महत्वपूर्ण यह कि अगर कोई अभ्यर्थी इस परीक्षा में आनलाइन आवेदन करते हैं और परीक्षा में शामिल होने के बाद यदि ओएमआर शीट में उत्तर नहीं भी दर्ज करते हैं, तब भी वैसे अभ्यर्थियों एक परीक्षा अवसर की गणना की जाएगी। यानी परीक्षा का एक अवसर खत्म हो जाएगा।



