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आयुर्वेद दवा बेचने के नाम पर कोड वर्ड में संदिग्ध ट्रैनिंग, खुफिया विभाग बांग्लादेशी पड़ताल में जुटी, बिहार के कई जिलों के संदिग्ध लपेटे में

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गोपालगंज से बड़ी खबर है जहां कोड वर्ड में आयुर्वेद दवा बेचने की संदिग्ध तरीके से  युवाओं को ट्रेनिंग देने का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। खुफिया विभाग की इनपुट मिलने के बाद गोपालगंज शहर के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

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जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान पुलिस कई युवाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है वहीं, इनके मोबाइल, लैपटॉप समेत कई कागजात को पुलिस ने जब्त कर लिया है,  हालांकि पुलिस ने इसपर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही मामले में किसी तरह की जानकारी दी जाएगी।

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जानकारी के अनुसार, यह सभी लोग किशनगंज, पूर्णिया, अररिया के अलावा पश्चिम बंगाल से जुड़े बॉर्डर इलाके के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि आयुर्वेद दवा बेचने के नाम पर कोड वर्ड में युवाओं को ट्रेनिंग देने की सूचना प्रशासन को मिली थी।

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खुफिया विभाग को इनपुट मिला था कि बांग्लादेश के कुछ रिफ्यूजी वेस्ट बंगाल और पश्चिम बंगाल के नाम पर गलत तरीके से पहचान पत्र बनवाकर गोपालगंज के विभिन्न इलाकों में किराए के मकान में रह रहे हैं यहां पर आयुर्वेद दवा बेचने के नाम पर युवाओं को ट्रेनिंग ले रहे है।

खुफिया विभाग इनपुट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने नगर थाना क्षेत्र के जादोपुर रोड़ में एक चौकीदार बीरेंद्र यादव के मकान में छापेमारी की, सदर एसडीएम डॉ प्रदीप कुमार के नेतृत्व में इस दो मंजिला मकान में हुई छापेमारी के दौरान यहां से 36 लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर थाना चली गई।

वहीं, जिला प्रशासन की छापेमारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गयी है। सुरक्षा एजेंसियों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई के बारे में पूरी जानकारी ली है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार पुलिस टीम ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद लखपतिया मोड के पास पहुंची, यहां तीन मंजिला मकान में छापेमारी चली, छापेमारी के दौरान यहां से भी कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाना लाया गया।

ट्रेनिंग केंद्र में रहने वाले वेस्ट बंगाल के युवकों का कहना है कि उन्हें आयुर्वेद दवा बेचने के लिए यहां लाया गया था, उसी के बारे में ट्रेनिंग दी जाती थी कि दवा को कैसे बेचना है और कैसे लोगों को खाने के लिए सलाह देनी है।

आयुर्वेद दवा बिक्री के अलावा किसी दूसरे गतिविधि में शामिल नहीं होने की बात मकान में रहने वाले पश्चिम बंगाल के युवकों ने कही है। गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि अबतक की जांच में PFI से जुड़ा हुआ कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। मेडिसिन सेल करने वाले नेटवर्क से जुड़े हुए सभी लोग हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम इसकी जांच कर रही है।

वहीं, मोबाइल, लैपटॉप को जब्त किया गया,  इनमें से कुछ लोगों को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया है। लेकिन किशनगंज, पूर्णिया और अररिया के रहनेवाले नौ लोगों को पुलिस अभी भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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