

कुशेश्वरस्थान पूर्वी, देशज टाइम्स। प्रखंड के मध्य विद्यालय खलासीन से सटे सरकारी पोखर में मवेशी ले जाने के लिए रास्ते का विवाद गहरा गया है।
इसको लेकर खलासीन और गुलड़िया के ग्रामीणों में तनातनी है। हालात, सुधरते नहीं दिख रहे। हालांकि, पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से मामला फिलहाल समाधान की ओर चल पड़ा है लेकिन, घाव बहुत गहरे और पुराने हैं।
कारण, यह तनाव नया नहीं है। साथ ही, पोखर में मवेशी को ले जाने ले आने के लिए रास्ता का विवाद को स्थानीय लोग बहाना मात्र मान रहे हैं। असल में दोनों गांवों के बीच वर्चस्व की
लड़ाई है, जो दोनों को चैन से नहीं रहने दे रही। मामला कभी हिंसक हो सकता है। वैसे, स्थानीय थाने पर शांति समित की बैठक से नई राह निकालने की कोशिश जरूर हुई है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन की लगातार मामले में पहल हो रही है। लेकिन, हालात तनावपूर्ण स्थिति में ही लटके हैं।
जानकारी के अनुसार, मध्य विद्यालय खलासीन का परिसर चारदिवारी के बीच है लेकिन इसी के भूखंड पर पोखरा और सलहेस महाराज का मंदिर, मुख्य रूप से केंद्र में है। जहां सलहेस
महाराज के मंदिर के बगल से पोखर में जाने के रास्ते को लेकर अक्सर विवाद गहराता रहा है। इसको लेकर खलासीन और गुलड़िया के लोग पिछले दिनों आपस में भिड़ गई थे। जमकर मारपीट हुई थी। इसमें दोनों पक्ष के कई लोग चोटिल हुए थे।
मामला उस दौरान भी थाना स्तर पर पहुंचा। बात उपर तक गई। प्रभारी थाना अध्यक्ष पंकज कुमार ने तत्काल वरीय अधिकारियों के आदेश पर 19 सितंबर को थाना परिसर में पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार राम की अध्यक्षता में दोनों पक्ष के लोगों को बुलाया। शांतिपूर्ण माहौल अख्तियार करने पर सहमति बनी लेकिन, हालात अच्छे नहीं हैं।
बैठक में गुलड़िया के लोग यही कहते रहे, सलहेस महाराज के मंदिर निर्माण होने से पोखर में मवेशियों को ले जाने की दिक्कत हो गई है। वहीं, खलासीन के ग्रामीणों का कहना था कि मवेशी को पोखर में ले जाने के लिए पर्याप्त रास्ता है, कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
इसके बाद थाना स्तर से इंस्पेक्टर श्री राम ने दोनों पक्षों की एक दस लोगों की कमेटी बनाई।बीस सितंबर को उक्त विवादित भूमि पर जाकर न्यायोचित फैसला करने को कहा। लेकिन निर्धारित तिथि को कमेटी के कई सदस्यों को नहीं आने से स्थिति यथावत है।
इस संबंध में प्रभारी थाना अध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस प्रशासन को स्थिति पर नजर है। आवश्यकता पड़ने पर विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई किया जाएगा।


