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मार्च, 18, 2026
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फिर एक पुल धंसा, कई पिलर नीचे धंसे, लो अब तो एक लाख से अधिक लोगों का आना-जाना भी फंसा

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जमुई जिले में बरनार नदी पर बना सोने-चुरहेत काजवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पानी की तेज बहाव के कारण पुल का तीन से दस नंबर पिलर क्षतिग्रस्त होकर धंस गया।

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पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण सोनो में बरनार नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पानी के दबाव के पुल के दस पिलर नीच धंस गए हैं। जिसके कारण पुल पर यातायात ठप हो गई है। साथ ही से प्रखंड मुख्यालय का पश्चिम क्षेत्र संपर्क टूट गया है।

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पुल धंसने की खबर शनिवार की सुबह जैसे ही लोगों को लगी सभी वहीं उमड़ पड़े। गुरुवार से मूसलाधार बारिश हो रही है। पानी के तेज बहाव के कारण बरनार नदी पर बना सोनो चुरहेत काजवे पुल का तीन से दस पिलर नदी में धंस गया है। इस पुल से कई गांवों के लोगों का आना-जाना लगा रहता है।

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पुल के क्षतिग्रस्त होने से दो दर्जन से अधिक गांव और डेढ़ लाख से अधिक की आबादी का संपर्क टूट गया। अब इन गावों के लोगों को लगभग 15 किलोमीटर घूमकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना होगा।

काजवे, चुरहेत समेत अन्य गांवों के लोग प्रखंड मुख्यालय आने-जाने के लिए इसी पुल का उपयोग करते है। कई छोटे और बड़े वाहनों का भी परिचालन लगा रहता है लेकिन पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यहां के ग्रामीणों को अब काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुल के क्षतिग्रस्त होने से दो दर्जन से अधिक गांव और डेढ़ लाख से अधिक की आबादी का संपर्क टूट गया। वहीं प्रखंड मुख्यालय का पश्चिम क्षेत्र संपर्क टूट गया है। अब इन गावों के लोगों को लगभग 15 किलोमीटर घूमकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना होगा।

ग्रामीणों की बहुत वर्षों की मांग के बाद वर्ष 2010 में यह पुल बनाया गया था। अब आगे कब बनेगा कहा नहीं जा सकता है। ग्रामीणों के लिए बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। नदी के पार रहने वाले किसानों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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पुल की इस दुर्दशा होने के पीछे ग्रामीण कई और कारण भी बताते हैं। क्षेत्र के ग्रामीण बताते हैं कि बालू उठाव में संवेदकों की मनमानी पर जिम्मेदारों की चुप्पी ग्रामीणों के लिए आफत बनकर सामने आ गई है।

पहले भी बाढ़ आता था लेकिन पुल को कुछ नहीं हुआ।  इस साल पुल के पिलर के पास से भी बालू का उठाव किया गया। ग्रामीणों के विरोध को अनसुना कर दिया गया। इसके लिए आंदोलन भी चला लेकिन ये आवाज नक्कारखाने की तूती बनकर रह गई थी।

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सूचना के बाद अंचलाधिकारी राजेश कुमार, थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार और एसआई विपिन कुमार पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। सभी ने क्षतिग्रस्त काजवे पुल का मुआयना किया। इसके बाद सोनो चुरहेत काजवे मार्ग पर परिचालन को पूरी तरह रोक दिया गया है। फिलहाल पुल के दोनों छोर पर बैरिकैडिंग कर दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर उफान पर है। पानी की तेज बहाव के कारण पुल धंस गया। यह पुल सोनो प्रखंड मुख्यालय को पश्चिम क्षेत्र से जोड़ती है। पुल की मरम्मती का काम जल्द से जल्द करवाया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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