

दुर्गा पूजा से पहले नीतीश कुमार की सरकार नियोजित शिक्षकों को बड़ा तोहफा दे सकती है। बताया जा रहा है कि बिहार सरकार बहुत जल्द नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दे सकती है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो इसकी घोषणा अक्टूबर महीने में दशहरा से पहले हो सकती है।
बिहार में नियोजित शिक्षकों की ओर से लगातार राज्यकर्मी के दर्जे की मांग की जा रही है जिसको लेकर शिक्षक कई बार आंदोलन भी कर चुके है, लेकिन उनकी इस मांग का सरकार पर कोई असर नहीं हुआ है।
कई महीने से बिहार के नियोजित शिक्षक राज्यकर्मी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। खबर है कि इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को नया सिस्सटम तैयार करने का टास्क दिया था।
बताया जा रहा है कि केके पाठक ने टास्क को पूरा कर लिया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अवगत भी करा दिया है। अब कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगेगी।
हालांकि अब सरकार ने इस पर फैसला लेने का निर्णय ले लिया है। सूत्रों की माने तो 4 लाख नियोजित शिक्षकों को दुर्गा पूजा से पहले सरकार उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने का मन बना चुकी है। बहुत जल्द इन नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा। दुर्गा पूजा से पहले सरकार यह बड़ा तोहफा नियोजित शिक्षकों को दे सकती है। इसकी घोषणा अक्टूबर महीने में की जा सकती है।
यदि नीतीश सरकार की ओर से इसकी घोषणा होती है तब बिहार के करीब 4 लाख से ज्यादा शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा। हालांकि ये अभी तय नहीं हो सका है कि बीपीएससी की परीक्षा लेने के बाद राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा या फिर बिना परीक्षा लिए ही नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी किया जाएगा।
होने वाले कैबिनेट बैठक में उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से ऑफिसियल तौर पर इसपर कोई घोषणा नहीं की है।
जानकारी के अनुसार सरकार अक्टूबर में होने वाले कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला ले सकती है। यानि दुर्गा पूजा से पहले इसपर मुहर लग सकती है, और नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जा सकता है।
वहीं वाम दलों के नेताओं ने कहा था कि कार्यरत सभी नियोजित शिक्षकों राज्यकर्मी का दर्जा देने में कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सभी नेताओं की बात सुनने के बाद नीतीश कुमार ने गौर करने की बात कही थी। अब खबर मिल रही है कि सरकार दुर्गा पूजा से पहले नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दे सकती है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बजट को लेकर चर्चा कर चुके हैं। इससे पहले नीतीश कुमार महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक भी की थी। बैठक में शामिल कई नेताओं ने कहा था कि सभी नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देना संभव नहीं है।
हालांकि ये अभी तय नहीं हो सका है कि बीपीएससी की परीक्षा लेने के बाद राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा या फिर बिना परीक्षा लिए ही नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा। यदि राज्यकर्मी का दर्जा नियोजित शिक्षकों को मिला तब बीपीएससी के शिक्षकों के बराबर इनका वेतन हो जाएगा।


