

मुख्य बातें: बेनीपट्टी जेल के निकट बिना रजिस्ट्रेशन और नाम के संचालित अवैध नर्सिंग होम सील, छापेमारी के दौरान अवैध नर्सिंग होम में भर्ती थे पांच मरीज, टीम ने अनुमंडलीय अस्पताल में कराया भर्ती, एसडीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की बड़ी कार्रवाई, संचालक व कथित चिकित्सक फरार, कुछ दिन पूर्व इसी नर्सिंग होम में एक महिला को ऑपरेशन कर उतार दिया गया था मौत के घाट, देशज टाइम्स फोटो : बेनीपट्टी में अवैध रूप से संचालित नर्सिंगहोम को सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
बेनीपट्टी, मधुबनी देशज टाइम्स। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने बेनीपट्टी उपकारा के निकट राम किशुन यादव के मकान में दूसरे मंजिल पर अवैध रूप से संचालित एक नर्सिंगहोम को सील कर दिया है।
यह कार्रवाई एसडीएम के निर्देश के आलोक में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डा. सुशील कुमार के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम द्वारा किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुमंडल पदाधिकारी को लगातार शिकायत मिल रही थी कि जेल गेट के समीप अवैध रूप से मो. अजहरुद्दीन की ओर से नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा है।
जहां एसडीएम द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया गया। जिसके बाद अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डा. सुशील कुमार द्वारा चिकित्सक डा. पीएन झा, प्रबंधक सुशील कुमार और कर्मी नवनीत कुमार तथा बेनीपट्टी थाना के एसआई
शेषनाथ प्रसाद और संजीत कुमार सहित दलबल के साथ उक्त अवैद्य नर्सिंगहोम में मंगलवार की दोपहर छापेमारी की गयीं। छापेमारी के क्रम में नर्सिंगहोम में पांच मरीज भर्ती पाये गए। जिसमें चार ऑपरेशन और एक पेटदर्द के शामिल हैं।
साथ ही टीम द्वारा छापेमारी की भनक लगते ही संचालक फरार हो चुका था। टीम द्वारा सर्वप्रथम सभी मरीजों को वहां से निकाल कर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही अस्पताल में रहे इलाज के सभी सामान, दवा समेत अन्य सामानों को जब्त कर नर्सिंग होम को सील कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि अवैध नर्सिंग होम में जेके ठाकुर नाम के चिकित्सक द्वारा मरीजों को देखा जा रहा था। साथ ही किसका ऑपरेशन करना है यह भी निर्धरित किया जाता था।
जब स्वास्थ्य विभाग की टीम छापेमारी के लिए पहुंची, उस समय चिकित्सक वहां मौजूद थे और संचालक पहले से फरार थे। लेकिन बीच में मौके का फायदा उठा चिकित्सक भी फरार हो गया।
टीम के नेतृत्वकर्ता सह अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डा. कुमार ने बताया कि नर्सिं गहोम बगैर रजिस्ट्रेशन और नाम के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। साथ ही और भी खामियां पायी गयी है।
छापेमारी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जायेगी। साथ ही निर्देश मिलने के बाद एफआईआर व अग्रेतर कार्रवाई की प्रक्रिया की जायेगी। बता दें कि इसी अवैध नर्सिंग होम में कुछ दिन पहले एक गांव के एक महिला का ऑपरेशन कर मौत के घाट उतार दिया गया था। लेकिन स्थानीय स्तर पर समझौता करा मामले को रफा दफा कर दिया गया था।


