

बिरौल, देशज टाइम्स। ए बिरौल के चहेते नटवर चौधरी तुम कहां चले गए। जिंदगी से तुम्हें मौत ने आखिरकार बिरौलवासियों से ऐसे छीन लिया, सबकुछ तबाह हो गया। नटवर चौधरी की मौत से हर आंखें आज बेबस, उदास पड़ी है। कहां तुम चले गए…।
जानकारी के अनुसार,दस दिन पूर्व 22 सितंबरर को श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल के समीप अपनी कोचिंग बंद कर डुमरी गांव के अरुण चौधरी के 25 वर्षीय पुत्र नटवर चौधरी अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान करीब 8 बजे तेज रफ्तार में डुमरी से कोठीपुल जाने वाली अज्ञात पिकअप वैन गाड़ी ने ठोकर मारते हुए फरार हो गया।
तत्काल लोगों ने उन्हें जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां आज मंगलवार की सुबह नटवर चौधरी के निधन की खबर से संपूर्ण बिरौल उदास पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के अनुसार, उनके शरीर का हर अंग हादसे से टूट चुका था। इधर, मौत की खबर मिलते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। नटवर घर का एकलौता चिराग था। परिवार का आर्थिक स्थित काफी कमजोर है।
जानकारी के अनुसार, नटवर दो सालों से डुमरी रोड में कोचिंग चलाता था। इससे उसका परिवार चल रहा था। चार साल पूर्व कहुआ में उसकी शादी हुई थी। एक तीन साल की पुत्री एवं एक डेढ़ वर्ष का पुत्र है जो अपनी दादी देवता देवी के सीने से लिपटकर रो रहा है।
वहीं, मां देवता देवी खुद बेसुध पड़ी है। पिता अरुण चौधरी की हालत खुद लाचार है। बहन माला देवी बेसुध पड़ी है। पत्नी खुशबू पति के साथ ही थी। पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस से नवटर कि शव गांव आते ही एक झलक देखने को लोगों की भीड़ जुट गयी। नटवर का दाह संस्कार सिमरिया में किया गया है।
घटना से डॉ. नागेश्वर पंजियार, संजय कुमार सिंह पप्पू, समाजसेवी रंजीत भगत, अरुण कुमार चौधरी,संजीव चौधरी,नित्यानंद मंडल, शिक्षक आशुतोष चौधरी, सरपंच शंभु चौधरी, समेत पूरा गांव शोक संवेदना प्रकट कर रहा है। हर तरफ मातमी सन्नाटा है।

