

बिरौल, देशज टाइम्स। पुस्तक लिखना और उसका प्रकाशित होकर पाठकों के बीच आ जाना गौरव के क्षण होते हैं। और इसी गौरवान्वित पल का गवाह बना है आज जेके कॉलेज जहां कॉलेज के प्रभारी प्रधानचार्य डॉ. सूर्य नारायण पांडेय और अन्य शिक्षकोंतर कर्मियों ने मिलकर मैथिली में लिखी गई जेके कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.राज कुमार प्रसाद की लिखी पुस्तक मैथिली निबंध संग्रह अंतत: का विमोचन किया गया।
जानकारी के अनुसार, मौके पर कॉलेज के विद्धतजनों ने पुस्तक अंतत: के लेखक जेके कॉलेज के प्रो. डॉ. राज कुमार प्रसाद की लेखनी की तारीफ करते हुए शब्दों के पुल बांधें। पुस्तक को सर्वप्रिय और सर्वलोकप्रिय बताया।
मैथिली निबंध संग्रह पुस्तक अंतत: पर प्रकाश डालते प्रधानाचार्य श्री पांडेय ने कहा कि यह पुस्तक विलक्षण है। पुस्तक अनोखी भावनाओं से ओतप्रोत है, जो दैनिक जीवन के अंत क्रिया और परिस्थितियों के अंत और आरंभ को रचनाओं से जीवंत करता है।
हिंदी विभाग के प्रो. डॉ. रामसेवक पंडित ने कहा कि डॉ. राजकुमार प्रसाद की पुस्तक अंतत: आधुनिक मैथिली गद्य की एक नूतन साहित्यिक धारा का निर्माण है।
इसमें शैक्षणिक-अकाडमिक जगत की व्यस्तता है। कहा कि भागदौड़, एकाकीपन और संत्रास से भरपूर जीवन में एक शिक्षक अपनी साहित्यिक जिम्मेदारी का इतना बिलख तरीके से मोड़ता दिखता है, यह उसके व्यक्तित्व को परिभाषित करता है। वैसे, यह चुनौतियों से भी भरा है। मगर लेखक यहां अपने दायित्व का निर्वहन करता मिलता है।
डॉ. प्रसाद की पुस्तक अंततः निर्णय शैक्षणिक पृष्टभूमि से संबद्ध उन तमाम रचनाकरों के लिए जिज्ञासा व प्रेरणा दायक होगा। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष उन्हें पांच जून को डॉक्टर की उपाधि मिली। यह उनकी प्रथम पुस्तक है।
मौके पर प्रो. डॉ. कौशलेंद्र कुमार, डॉ. शंभु पासवान, डॉ. रामशेख पंडित, डॉ. भावेश कुमार, डॉ. शिव कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. बिंदुनाथ झा, डॉ. हेमंत
कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. नरेश कुमार समेत कॉलेज के छात्र मौजूद थे। वहीं शिक्षकों को ने प्रोफ़ेसर डॉ. राज कुमार प्रसाद को इस पुस्तक के विमोचन और लेखन के लिए साधुवाद भी दिया।

