back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 14, 2026
spot_img

Darbhanga के जाले में प्राकृतिक खेती बनाएं समन्वय, अधिक उत्पादकता की चाहत में यूं ना करें गलती…

spot_img
- Advertisement - Advertisement
मुख्य बातें: स्वस्थ मानव जीवन एवं स्वस्थ मृदा के लिए प्राकृतिक खेती आवश्यक: डॉ. केशव, प्राकृतिक खेती गुणवत्ता युक्त उत्पादन के लिए बेहद खास
जाले, देशज टाइम्स। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केशव ने कृषि विज्ञान केंद्र जाले द्वारा जलवायु अनुकूल खेती एवम प्राकृतिक खेती परियोजना से धनकौल गांव में संचालित खेती का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर धनकौल के किसानों से रूबरू होते हुए उन्होंने किसानों से परिचर्चा करते हुए डॉ. केशव ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में जहां खेती में किसान नित्य नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

- Advertisement -

वहीं दूसरी ओर अधिक उत्पादकता की चाहत में अत्यधिक मात्रा में असंतुलित रूप से रासायनिक ऊर्वरक का खेतों में प्रयोग कर रहे हैं, परिणाम स्वरूप किसानों की उत्पादन लागत दिन-ब-दिन बढ़ रही है वहीं मृदा की संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पर रहा है, तथा खेतों के उत्पादकता में क्षरण हो रहा है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: गुरुकुल क्लासेज में 10वीं छात्राओं का शानदार फेयरवेल... टॉपर्स को मान-सम्मान, पढ़िए गुरुकुल क्लासेज का ज्ञान...पाग, चादर प्रतीक चिन्ह, शील्ड, मेडल और चॉकलेट... यही तो है सफलता- बेहतर परिणाम की गारंटी

आगे उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती परियोजना प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना है जो देश के विभिन्न जिलों में संचालित की जा रही है, परियोजना अंतर्गत जहां प्रशिक्षण एवं प्रत्यक्षण के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के गुण सिखाए जा रहे हैं।

- Advertisement -

वहीं जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को इसके प्रति प्रेरित भी किया जा रहा है, कृषि विज्ञान केंद्र जाले  का जलवायु अनुकूल प्राकृतिक खेती का प्रयास सराहनीय है।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: DM Kaushal Kumar की जनसुनवाई में उमड़ी भीड़, 3 दर्जन मामलों पर ऑन-स्पॉट एक्शन, भूमि विवाद के मुद्दे छाए रहे
कृषि विज्ञान केंद्र के दिशा निर्देश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान धनकौल गांव के किसान रामनाथ ने बताया कि विगत दो वर्षों से हम कृषि विज्ञान केंद्र के दिशा निर्देश में प्राकृतिक खेती करते है। जिसमें हमें खेती में लागत भी कम हो रही है,और उत्पादकता भी ठीक ठाक प्राप्त हो रहा है।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: गलमा धाम में शिव-पार्वती विवाह की धूम, जानिए Mahashivratri पर कब निकलेगी भोलेनाथ की बारात और क्या है रुद्राभिषेक का समय
इस अवसर पर डॉ. केशव ने कृषि विज्ञान केंद्र के विभिन्न प्रत्यक्षण इकाइयों एवं जलवायु अनुकूल खेती कार्यक्रम के अंतर्गत रतनपुर एवं सनपुर गांव के विभिन्न प्रत्यक्षण इकाइयों का निरीक्षण किया। उनके साथ कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष सह वरीय वैज्ञानिक डॉक्टर दिव्यांशु शेखर साथ थे।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारतीय क्रिकेट टीम: पाकिस्तान महामुकाबले से पहले मोबाइल का ‘सीक्रेट’ प्लान!

Indian Cricket Team: फैंस का उत्साह चरम पर है! आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026...

भारत-पाकिस्तान T20 World Cup: विज्ञापन दरों में रिकॉर्ड उछाल, जानिए कंपनियों का नया खेल

T20 World Cup: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मुकाबले सिर्फ खेल...

यूपीआई नियमों में बड़े बदलाव: 14 फरवरी, 2026 से लागू होंगे नए प्रावधान, जानें आप पर क्या होगा असर

UPI Rules: डिजिटल इंडिया के बढ़ते कदमों के साथ, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली यूपीआई (UPI)...

टी20 विश्व कप 2026: 2007 का संयोग, क्या भारत फिर रचेगा इतिहास?

T20 World Cup 2026: भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिल में एक बार फिर उम्मीदों...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें