

बिरौल, देशज टाइम्स। मनरेगा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है जहां फर्जीवाड़ा में बिना सड़क बनाए, बिना पशु शेड बने ही लाखों का गबन हो गया है। मामला,प्रखंड के सोनपुर पघारी पंचायत का है जहां परिवार वाद संख्या 27/23 के तहत आधा दर्जन योजनाओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा (Big fraud in MNREGA in Birol) हुआ है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर लोकपाल ने राशि रिकवरी के लिए मनरेगा विभाग को लिखा है। साथ ही फर्जीवाड़े करने वाले कर्मी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। बताया जाता है कि ऐसे कई योजनाओं के फर्जीवाड़े मामले में लोकपाल ने तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश सिंह, विनीत झा, कनीय अभियंता अंसारुल्ल हक, पंचायत रोजगार सेवक रजनीश कुमार सिंह पर कार्रवाई के लिये जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। अब खबर विस्तार से….
जानकारी के अनुसार, मनरेगा योजना में फर्जी सड़क का निर्माण दिखाते हुए बगैर पशु शेड बनाए लाखों रुपये की निकासी कर ली गई है। उक्त दोनों योजना की 6 लाख 31 हजार 712 रुपये गबन किये गये राशि जिला लोक पाल(मनरेगा) ने वसूली करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावे लोक पाल ने सड़क निर्माण कार्य में पुलिया निर्माण कार्य मे अनियमिता बरतने पर इसके भुगतान पर रोक लगायी है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत के विवेकानंद झा ने उक्त पंचायत में पंचायत समिति मद से मनरेगा में सरकारी राशि बंदर बांट करने के लिए परिवार वाद संख्या 27/23 के तहत आधा दर्जन योजनाएं की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत के आलोक में स्थलीय जांच लोकपाल ने की। जांच के दौरान वर्ष 023 के फरवरी माह में जिस योजनाएं को कुशेश्वरस्थान के भदहर पंचायत समिति मद से उक्त योजनाएं की गई थी। इसी योजना को दिखाकर बिरौल के सोनपुर पंचायत से उसी योजनाएं को दिखाकर चार लाख 74 हजार बारह रुपये की निकासी कर ली गयी।
इस मामले को लेकर लोकपाल ने राशि रिकवरी के लिए मनरेगा विभाग को लिखा है। साथ ही फर्जीवाड़े करने वाले कर्मी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। वंही दिवाकर झा के निजी भूमि पर पशु शेड जांच में नहीं मिला।
वहीं, इस पशु शेड के नाम पर 157700 रुपये की निकशी हो चुकी है। दयानंद झा के खेत से वैजनाथ पुर सिमा तक मिट्टी एवं पुलिया निर्माण की जांच में सड़क से काफी नीचे पुलिया निर्माण की गयी है। जांच कर्ताओ ने सरकारी राशि की निकाशी पर रोक लगाई है।
साथ ही कई ऐसे योजनाएं की जांच हुई, जो कार्य स्थल पर कार्य कराए जा चुके थे, लेकिन मापी पुस्तिका नहीं दिखाया गया। ऐसे कई योजनाओं के फर्जीवाड़े मामले में लोकपाल ने तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश सिंह,विनीत झा, कनीय अभियंता अंसारुल्ल हक, पंचायत रोजगार सेवक रजनीश कुमार सिंह के विरुद्ध कार्रवाई के लिये जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है।

