

केवटी, देशज टाइम्स। कलश शोभा यात्रा के साथ ही प्रखंड की समैला गांव में दीपोत्सव के अवसर पर श्री-श्री 108 सार्वजनिक काली पूजा समिति समैला की ओर से आयोजित चार दिवसीय काली पूजनोत्सव का आगाज कलश शोभा यात्रा के साथ भक्तिपूर्ण माहौल में बड़े श्रद्धा व निष्ठा के साथ हुआ।
शोभायात्रा पूजा स्थल से शुरू हुई। पंडित सरोज झा द्वारा पूजा अर्चना के बाद यात्रा में शामिल 201 कुंवारी कन्याएं गाजेबाजे के साथ जब माथे पर कलश लेकर निकली तो मां काली की जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया।
कन्याएं मंदिर से चलकर गांव स्थित ब्रहमस्थान की परिक्रमा करते हुए गांव के भैया पोखर से जल लेकर पुन: मंदिर पर पहुंची , जहां मां काली एवं विभिन्न देवी – देवताओं के आह्वान के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना के बाद कलश स्थापित किया गया।
पूजा समिति के अध्यक्ष सुमित कुमार दास “नंदन ” , सचिव विष्णु कान्त झा ” रिंकू “, कोषाध्यक्ष महेश साहु, नितेश कुमार, बादल, ऋषभ, चंदन, सन्नी, राहुल, दुर्गा, रौशन, प्रिंशु सहित काफी संख्या में ग्रामीण तथा कई जनप्रतिनिधि शोभायात्रा में शामिल रहे। इधर, मझिगामा, महेशाजान आदि जगहों पर भी कलश शोभायात्रा निकाली गई।
वहीं, प्रखंड क्षेत्र में दीपोत्सव का त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हर्षोल्लास मनाया गया। प्रखंड मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने अपने घरों में दिये जलाए तथा मां लक्ष्मी एवं गणेश भगवान की पूजा की। इस अवसर पर एक दूसरे को मिठाइयां खिलाई गई तथा बधाई दी गई।
बच्चे पटाखे छोड़ते नजर आए, वहीं महिलाएं दीप जलाती नजर आईं। लोगों ने करीब-करीब चाइनीज सामानों का बहिष्कार किया। लोगों ने दीप जलाकर अपने – अपने घरों को रोशन किया । दीप जलाने के बाद लोगों ने घरों में माता लक्ष्मी के आगमन तथा दरिद्रता को दूर करने के लिए उक्का-पाती खेला।
उघर, भगवतीपुर दड़िमा, बनसारा , महेसाजान , मझिगामा, नयागांव ब्रहमचारी टोल, समैला, खराज आदि जगहों पर मां काली की पूजा बड़े श्रद्धा के साथ भक्ति पूर्ण माहौल में किया गया। इधर, त्योहार को लेकर केवटी व रैयाम और कमतौल थाने की पुलिस अलर्ट मोड में थी। चौक-चौराहों पर के साथ – साथ क्षेत्र में पूरी चौकसी बरती जा रही थी। वहीं शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही थी। थानाध्यक्ष रानी कुमारी व प्रभारी थानाध्यक्ष कुमारी दिव्या और विनय कुमार सशस्त्र बल के साथ अपने – अपने थाना क्षेत्र में लगातार गश्ती कर रहे थे।



