

बिहार में विश्वविद्यालयों की हालत सही नहीं है। यहां कभी भी सत्र नियमित नहीं रहता। पढ़ाई तो जो होती है परीक्षा फल समय से निकलता। इसी का नतीजा है कि अब सरकार और शिक्षा विभाग इसको लेकर गंभीर है।
और, कड़ी कार्रवाई करते हुए वैसे विवि के कुलपतियों का वेतन बंद कर दिया गया है जहां के विवि में छात्रों को समय पर रिजल्ट नहीं मिला है। ऐसे वाइसचासलरों के वेतन फिलहाल (Salaries of Vice Chancellors who did not give results to students on time stopped) बंद कर दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, केके पाठक ने उन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को वेतन के लिए इंतजार कराने का निर्णय किया है, जहां के छात्र अपनी परीक्षाओं और रिजल्ट का इंतजार करा रहे हैं। इसमें कुलपति के साथ प्रतिकुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, वित्त पदाधिकारी और वित्त मरामर्शी का वेतन भी बंद कर दिया गया है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालयों की सबसे बड़ी समस्या यहां के सत्र की अनियमितता है। कई बार तीन साल की डिग्री के लिए छात्रों को पांच साल तक का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में आए दिन अपने निर्देशों के कारण चर्चा में रहने वाले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके ने विश्वविद्यालयों में सत्र नियमित कराने का नया तरीका ढूंढा है। इस तरीके में फिलहाल दो विवि फंस गए हैं जहां के कुलपतियों का वेतन बंद कर दिया गया है। पढ़िए पूरी खबर कौन हैं वो दो विवि जिनपर हुई है कार्रवाई
लंबित परीक्षाफल के प्रकाशन तक वेतन स्थगित
शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई दो विश्वविद्यालयों के अधिकारियों पर हुई है। इसमें पहला है मगध विश्वविद्यालय, बोधगया और दूसरा है जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा। यहां के कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, वित्त पदाधिकारी और वित्त मरामर्शी का वेतन बंद कर दिया गया है।
विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विलंबित परीक्षाओं के लंबित परीक्षा फल के प्रकाशन होने तक वेतन स्थगित रहेगा। रिजल्ट में लेटलतीफी से स्टूडेंट्स को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सत्र् 2020-22 भी पूरा नहीं हुआ
दरअसल, मगध विश्वविद्यालय में स्नातक के सत्र 2020-23 का रिजल्ट अभी तक लंबित है। जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर तो सत्र 2019-21 भी पूरा नहीं हुआ है। वहीं जय प्रकाश विश्वविद्यालय में भी स्नातक के सत्र 2020-23 का रिजल्ट अभी तक लंबित है। जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर तो सत्र 2020-22 भी पूरा नहीं हुआ है।


