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Darbhanga News: ये है Bahera PHC, स्वास्थ होना हो तो कहीं और जाइए….यहां सेवाओं का टोटा है…

बेनीपुर के बहेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय पदों की भारी कमी और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण यहां के स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा संकट मंडरा रहा है। 42 स्वीकृत पदों में से एक तिहाई पद भी भरे नहीं गए हैं, जो कि राज्य के स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 9 उपकेंद्रों में मात्र 16 एएनएम कार्यरत हैं, जबकि कुल 28 पद स्वीकृत हैं। यह दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर हो सके।

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MAIN Point: बहेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत 42 पदों में से एक तिहाई भी भरे नहीं गए हैं। चिकित्सा अधिकारी के तीन स्वीकृत पदों पर कोई भी स्थायी डॉक्टर मौजूद नहीं है, जो इस केंद्र की सेवाओं की स्थिति को चिंताजनक बनाता है। बीएचडब्ल्यू के 9 में से केवल 1 कर्मी कार्यरत है, और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है।

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मुख्य हाइलाइट:

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  1. स्वीकृत पदों की संख्या और वास्तविकता
    बहेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत 42 पदों में से एक तिहाई भी भरे नहीं गए हैं। चिकित्सा अधिकारी के तीन स्वीकृत पदों पर कोई भी स्थायी डॉक्टर मौजूद नहीं है, जो इस केंद्र की सेवाओं की स्थिति को चिंताजनक बनाता है। बीएचडब्ल्यू के 9 में से केवल 1 कर्मी कार्यरत है, और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है।
  2. स्वास्थ्य उपकेंद्रों की वर्तमान स्थिति
    PHC के अंतर्गत 14 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में से केवल 9 सक्रिय हैं। स्वीकृत 28 एएनएम पदों में से मात्र 16 एएनएम कार्यरत हैं।
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बेनीपुर: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहेड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर स्थिति

सतीश झा। Darbhanga News: ये है Bahera PHC, स्वास्थ होना हो तो कहीं और जाइए….यहां सेवाओं का टोटा है…। जहां, बेनीपुर में राज्य सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती हो, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बहेड़ा की हालत इतनी खराब है कि वह किसी स्वास्थ्य उपकेंद्र के मानकों को भी पूरा करने में विफल हो रहा है। PHC बहेड़ा में स्वीकृत पदों का एक तिहाई हिस्सा भी वर्तमान में भरा नहीं है, जिससे स्थानीय निवासियों को पर्याप्त चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

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स्वीकृत पदों की संख्या और कर्मियों की कमी

बहेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 42 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से:

  • चिकित्सा पदाधिकारी: 3 पद
  • लिपिक: 2 पद
  • पुरुष परिवार नियोजन कर्मी: 1 पद
  • संग्रहक: 1 पद
  • चालक: 2 पद
  • डीएचडब्ल्यू (सहायक कर्मचारी): 9 पद
  • कल्याण विभाग कर्मी: 3 पद
  • विशेषज्ञ चिकित्सक: 4 पद
  • एएनएम: 4 पद
  • मिक्षक: 1 पद
  • परिचालक: 1 पद
  • स्वास्थ्य निरीक्षक: 1 पद
  • एलएचबी: 1 पद
  • चतुर्थ वर्गीय कर्मी: 8 पद

कार्यरत कर्मियों की स्थिति

इन 42 स्वीकृत पदों के विरुद्ध, वर्तमान में PHC बहेड़ा में केवल कुछ ही कर्मी कार्यरत हैं। चिकित्सा पदाधिकारी के तीन स्वीकृत पदों पर कोई भी स्थायी चिकित्सक नहीं है। लिपिक के दो पदों में से केवल दो ही कार्यरत हैं।

बीएचडब्ल्यू के 9 स्वीकृत पदों में से सिर्फ एक पद पर कर्मी कार्यरत है। एएनएम के 4 पदों में से 3 एएनएम और चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के 8 में से 6 कर्मी ही कार्यरत हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम पर केवल एक चिकित्सक कार्यरत है, जो हाल के दिनों में बिना पूर्व सूचना के अवकाश पर चले गए हैं। इस पर केवल खानापूरी के तौर पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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उपकेंद्रों की स्थिति

PHC बहेड़ा के अधीन 14 स्वास्थ्य उपकेंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 9 वर्तमान में कार्यरत हैं। इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 28 एएनएम के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 16 एएनएम कार्यरत हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ा है।

प्रशासनिक उदासीनता और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का बयान

इस पूरे केंद्र की देखरेख अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. कुमारी भारती के जिम्मे है। जब उनसे इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद केंद्र में समुचित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सकों की कमी को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।

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