कारखाना का विकास अहम सवाल, मगर सोई सरकार
इन स्थितियों में कल-कारखाना का विकास अहम सवाल है, लेकिन सरकार सोयी हुई हैं। इस सोयी सरकार को जगाने के लिए जनांदोलन को तेज करना होगा। जनसम्मेलन के मुख्य वक्ता भाकपा माले के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि आज जहां एक तरफ भाजपा वाले लोगों को भरमाने के लिए धर्म सभा का आयोजन कर रही वहीं आप अपने रोजी-रोटी- बंद पड़े कल कारखाने को चालू करने को लेकर चर्चा करने को ले जूटे हैं। आप ये कहने के लिए आये हैं कि हम धर्म के नाम पर नहीं लड़ेंगे मोदी-नीतीश के वादों का हिसाब लेकर रहेंगे। अशोक पेपर मिल को चालू करवाने को लेकर पटना-दिल्ली की सरकार को हर स्तर पर घेरा जाएगा। जनसम्मेलन के मुख्य अतिथि भाकपा माले के वरिष्ठ नेता आर के सहनी ने कहा कि नीतीश-मोदी की झूठ व लूट की सरकार है। अशोक पेपर मिल के नाम पर सत्ता- सरकार के संरक्षण में गोदधा ने मिल की संपत्ति को ही नहीं उसके नाम पर अरबों-खरबों संपति को चपत करने का काम किया। वहीं अशोक पेपर मिल संपति को बचाने की लड़ाई लड़ने वाले सुशील साह को पुलिस की गोली से हत्या होती हैं। सुशील साह की शहादत को भुलाने नही दिया जाएगा।
जनसम्मेलन को संबोधित करते हुए खेग्रामस के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी पासवान ने कहा कि नीतीश की सामंतो की गोद मे बैठी सरकार हैं। नीतीश जी उमाकांत चौधरी की मूर्ति का अनावरण करने बिशनपुर आते हैं लेकिन उसी पंचायत के गिरधरपुर में सामंती हमले में मरे मिथिलेश सहनी के परिजनों के आंसू पोछने का वक़्त नहीं निकाल पाते हैं। पेपर मिल पर दो शब्द नही बोल पाएं। जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए खेग्रामस के जिला अध्यक्ष और आंदोलन के नेता जंगी यादव ने आगामी आंदोलनों की चर्चा करते हुए कहा कि अशोक पेपर मिल को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। स्थानीय सांसद, विधायक को पहले पत्र लिख कर जवाब मांगा जाएगा। इसी विधान सभा सत्र के दौरान माले विधायक जहां एक तरफ विधान सभा मे अशोक पेपर मिल का सवाल उठाएंगे वहीं उसी दिन तीस नवंबर को दरभंगा डीएम के समक्ष धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन फिर दिया जाएगा।

जनसम्मेलन में इनकी दिखी सहभागिता
जनसम्मेलन को माले जिला कमेटी सदस्य अवधेश सिंह, पप्पू पासवान, रामनारायण पासवान भोलाजी, देवेंद्र साह, किसान महासभा के जिला सचिव रोहित सिंह, रामविलास मंडल, उपेंद्र बैठा, शोभा देवी, उमेश प्रसाद साह, राजकुमार मंडल, विश्वनाथ पासवान आदि ने सभा को संबोधित किया। जन सम्मेलन से कई प्रस्ताव पारित कि गए जिसमें अशोक पेपर मिल के नाम पर मिल मालिक धर्म गोदधा को सरकार और विभिन्न बैंको से कितना रकम दिया गया और उसने उस राशि का क्या इस्तेमाल किया उस पर सरकार श्वेत पत्र जारी करें। अशोक पेपर मिल चालू करने को लेकर चलने वाले आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुचायेंगे। जन सम्मेलन से पंद्रह सदस्यीय अशोक पेपर मिल संघर्ष समिति का गठन किया गया।








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