

RJD का ‘M-Y-K+’ प्लान: तेजस्वी ने ब्राह्मण-भूमिहार-पासवान को साधने के लिए चला मास्टरस्ट्रोक! रेणु कुशवाहा की ‘सियासी वापसी’! तेजस्वी के साथ मंच साझा कर दिया बड़ा संदेश।गुलाब यादव ED की गिरफ्त में, बेटी बिंदु यादव ने पकड़ी नई राह – राजनीति में बदलते समीकरण!@पटना,देशज टाइम्स।
बिहार चुनाव 2025 से पहले तेजस्वी यादव का बड़ा दांव, RJD में कुशवाहा और यादव समाज की नई धुरी तैयार
तेजस्वी का नया सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला: M-Y से M-Y-K+ तक की चाल, NDA की नींद उड़ी।जिला परिषद की चेयरमैन से MLA की रेस में बिंदु यादव? VIP की सदस्यता के कई सियासी मायने@पटना,देशज टाइम्स।
रेणु कुशवाहा और राघवेंद्र कुशवाहा की राजद में एंट्री, बिंदु यादव थाम सकतीं हैं VIP का दामन — बदल रहा OBC समीकरण
पटना, देशज टाइम्स/राजनीतिक डेस्क। बिहार की सियासत में चुनावी हलचल तेज हो चुकी है और 2025 विधानसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जातीय और सामाजिक समीकरण को साधने के लिए RJD (राष्ट्रीय जनता दल) की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब तक MY (Muslim-Yadav) समीकरण के सहारे राजनीति करने वाली पार्टी अब M-Y-K+ (Muslim-Yadav-Kushwaha) मॉडल की ओर बढ़ रही है।
रेणु कुशवाहा और राघवेंद्र कुशवाहा ने थामा राजद का हाथ
पूर्व सांसद व मंत्री रेणु कुशवाहा और जनाधार पार्टी के नेता राघवेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव की उपस्थिति में RJD की सदस्यता ली। यह कदम ना सिर्फ JDU और BJP के लिए झटका है, बल्कि RJD की ओर से OBC वर्ग, विशेषकर कुशवाहा समाज को अपने पाले में लाने का सुनियोजित प्रयास माना जा रहा है।
रेणु कुशवाहा का राजनीतिक अनुभव:
तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुकी हैं। कृषि, उद्योग, आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में मंत्री रह चुकी हैं। पहले JDU और BJP से जुड़ी रहीं, लेकिन 2014 के बाद राजनीतिक रूप से निष्क्रिय थीं।
मधुबनी की बिंदु यादव बनेंगी VIP की नई स्टार
पूर्व विधायक गुलाब यादव की बेटी बिंदु गुलाब यादव, जो मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन हैं, अब मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी में शामिल होने जा रही है। ऐसे संकेत राजनीतिक गलियारों से मिल रहे हैं। बिंदु यादव को झंझारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा है, जहां से उनके पिता 2015 में विधायक निर्वाचित हुए थे।उनकी महिलाओं और युवाओं में अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिससे VIP को ज़मीनी ताकत मिलने की संभावना है।
गुलाब यादव पर ईडी की जांच, फिर भी राजनीतिक पकड़ बरकरार
ईडी पूर्व विधायक गुलाब यादव के खिलाफ बेनामी संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। उन्हें IAS अधिकारी संजीव हंस के साथ सह-आरोपी बनाया गया है। इसके बावजूद, बिंदु यादव की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता झंझारपुर और मधुबनी में विपक्ष के समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
क्या M-Y समीकरण अब M-Y-K+ में बदलेगा?
तेजस्वी यादव अब केवल Yadav-Muslim समीकरण तक सीमित नहीं रहना चाहते। कुशवाहा, पासवान, ब्राह्मण और भूमिहार जातियों को जोड़कर महागठबंधन का विस्तार किया जा रहा है। इस रणनीति का मकसद NDA के परंपरागत वोट बैंक को तोड़ना और OBC+ दलित समीकरण को मजबूत करना है।
VIP और RJD के बढ़ते प्रभाव से NDA पर दबाव
VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी की सक्रियता और बिंदु यादव जैसे नेताओं की एंट्री से NDA के लिए चुनौती बढ़ गई है। सीटों के बंटवारे से लेकर सामाजिक जनाधार तक RJD और VIP अब जमीनी स्तर पर बढ़त की ओर बढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की ओर से अब केवल यादव-मुस्लिम समीकरण नहीं, बल्कि ‘सबका समीकरण’ गढ़ा जा रहा है। रेणु कुशवाहा की वापसी, राघवेंद्र कुशवाहा की सक्रियता, और बिंदु यादव की राजनीतिक एंट्री आने वाले समय में बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।



