
बिहार में जल्द बनेगी पावरफुल टास्क फोर्स! विदेशी घुसपैठ और मानव तस्करी पर चलेगा बुलडोजर| सीमा पर नहीं चलेगी अब तस्करी! बिहार सरकार का सबसे बड़ा एक्शन प्लान तैयार | विदेशी घुसपैठ और तस्करी पर अब नहीं मिलेगी छूट, बिहार में बनेगा सुपर टास्क फोर्स|@पटना,देशज टाइम्स
सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज यहां होंगी खास पहरेदारी
मानव तस्करी पर अब दोहरी सजा नहीं! बिहार सरकार ने बदला कानून का तरीका| बिहार में संवेदनशील जिलों की हुई पहचान – नेपाल-बांग्लादेश बॉर्डर पर कड़ी नजर| बिहार बनेगा तस्करी रोकने वाला मॉडल राज्य? सरकार की नई रणनीति से बढ़ी उम्मीद| तस्करी के शिकार विदेशियों को मिलेगी इंसाफ की राह – नहीं होगा केस, होगा पुनर्वास|@पटना, देशज टाइम्स।
पहले जानिए क्या है राहत की खबर:प्रमुख बिंदु
बिहार में जल्द संयुक्त टास्क फोर्स का गठन। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ेगी। मानवता के आधार पर विदेशी पीड़ितों को राहत। विदेश मंत्रालय को सूचना देना अनिवार्य। संवेदनशील जिलों में समन्वय बढ़ेगा।
बिहार में मानव तस्करी और घुसपैठ पर कसेगा शिकंजा, बनेगी संयुक्त टास्क फोर्स
पटना, देशज टाइम्स। बिहार सरकार ने मानव तस्करी और अवैध विदेशी घुसपैठ पर लगाम कसने के लिए संयुक्त टास्क फोर्स (Joint Task Force) के गठन का बड़ा निर्णय लिया है। इस टास्क फोर्स के जरिए सीमावर्ती जिलों में निगरानी और कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। इस अभियान में पुलिस, प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को भी जोड़ा जाएगा।
मानवता को मिलेगी प्राथमिकता, विदेशी पीड़ितों को नहीं होगा दंड
नए निर्देश के अनुसार, मानव तस्करी की शिकार विदेशी महिला या बच्चा, यदि बिना वैध दस्तावेज भारत में पाया जाता है, तो उसे दंडित नहीं किया जाएगा, जब तक वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हो।
यदि किसी पीड़ित पर पहले से विदेशी नागरिक अधिनियम या अन्य धाराओं में मामला दर्ज है, तो अभियोजन वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन सीमावर्ती जिलों पर खास नजर
राज्य के निम्न जिलों को संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है| इसके तहत,पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज पर खास नजरें रहेंगी। DM और SP को निर्देश दिए गए हैं कि वे नेपाल और बांग्लादेश के अधिकारियों से समन्वय बनाएं और सीमा सुरक्षा बल (BSF/SSB), कस्टम, प्रशासन, और स्थानीय NGOs के साथ संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विदेश मंत्रालय को दी जाएगी तुरंत सूचना
यदि कोई विदेशी नागरिक तस्करी के मामले में पकड़ा जाता है, तो संबंधित एजेंसी विदेश मंत्रालय की CPV शाखा को तत्काल सूचित करेगी ताकि राजनयिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
संयुक्त कार्ययोजना और रिपोर्ट तैयार होगी
संयुक्त टास्क फोर्स एक विशेष रणनीति और रिपोर्ट तैयार करेगी जिसे राज्य सरकार का गृह विभाग, भारत सरकार को भेजेगा। यह रिपोर्ट नीति निर्धारण में सहायक साबित होगी।