
दरभंगा | जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उपेन्द्र कुमार की अदालत ने भूमि विवाद से जुड़े एक संगीन मामले में घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट और आगजनी करने के आरोपी दो अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। अब सजा की अवधि तय करने के लिए अदालत ने 26 जुलाई 2025 की तारीख निश्चित की है।
भूमि विवाद बना हिंसक घटना का कारण
यह मामला दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र स्थित ब्रम्होतरा गांव का है। यहां के निवासी मालवर यादव और देव नारायण यादव ने गांव की जागतारण देवी के घर पर भूमि विवाद के कारण हमला किया था।
प्राथमिकी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने घर में घुसकर पीड़िता के साथ मारपीट, मालिकाना संपत्ति की लूट, और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में एपीएम थाना कांड संख्या 39/03 दर्ज की गई थी। बाद में सत्रवाद संख्या 42/04 के तहत इसका ट्रायल शुरू हुआ।
गवाहों की गवाही ने साबित किया आरोप
अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व एपीपी (असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर) राम उदार मोची ने किया। उन्होंने बताया कि इस केस में कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसने अभियुक्तों की सांठगांठ और हिंसक कृत्यों की पुष्टि की।
मंगलवार को अदालत ने सुनवाई पूरी कर दोनों को दोषी करार दिया:
मालवर यादव को भादवि की धारा 436 (आगजनी), 341 (रास्ता रोकना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 452 (घर में अतिक्रमण) और 380 (चोरी) के अंतर्गत दोषी घोषित किया गया।
देव नारायण यादव को धारा 341, 323, 452 और 380 के तहत दोषी माना गया।
दोनों अभियुक्तों को जेल भेजा गया
अदालत ने दोनों दोषियों के बंधपत्र (Bail Bond) खंडित करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब 26 जुलाई को उनकी सजा की अवधि (Sentencing) पर अंतिम सुनवाई और निर्णय होगा।
कानूनी विश्लेषण: कठोर धाराओं में सजा संभव
विशेषज्ञों के अनुसार:
धारा 436 के तहत 10 वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा संभव है।
धारा 452 में 7 वर्ष तक की सजा,
धारा 380 में 7 वर्ष और जुर्माना,
धारा 323 व 341 में 1 वर्ष तक की सजा या जुर्माना, जोकि इन अपराधों की गंभीरता को दर्शाते हैं।
सभी की निगाहें…26 July 2025
यह मामला स्थानीय भूमि विवादों के बढ़ते अपराधीकरण को उजागर करता है। अदालत का यह निर्णय पीड़ित परिवार को न्याय देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब 26 जुलाई 2025 को होने वाली सजा निर्धारण की प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।