
मधुबनी | जिले के अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सहूरिया गांव में बुधवार देर रात डकैती की एक बड़ी घटना सामने आई है। घटना उस वक्त हुई जब हथियारों से लैस करीब एक दर्जन डकैतों ने स्थानीय व्यवसायी राजकुमार साहू के घर पर हमला कर दिया। घटना के दौरान संघर्ष में एक अज्ञात डकैत की मौत हो गई।
डकैतों ने घर को बनाया निशाना, परिवार के लोगों को बनाया बंधक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डकैतों ने मकान के पीछे से छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बना लिया और करीब एक घंटे तक लूटपाट की। ट्रंक, अलमारी तोड़कर नकदी और गहने लूटे गए।
गृहस्वामी राजकुमार साहू पर रॉड और डंडे से हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों के प्रतिरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हुआ, और इसी दौरान फायरिंग में एक डकैत को गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
घटना की सूचना पर अंधराठाढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने मृत डकैत का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस:
मृत डकैत की पहचान करने में लगी है
डकैती में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश कर रही है
घटना के उद्देश्य और गिरोह की रणनीति की जांच कर रही है
डकैती के दौरान फायरिंग: गिरोह के ही सदस्य की मौत की आशंका
पुलिस को आशंका है कि जो डकैत मारा गया है, वह उसी गिरोह का सदस्य था। संघर्ष के दौरान हुई गोलीबारी में उसे साथियों की ही गोली लगने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मामले की फोरेंसिक और तकनीकी जांच जारी है।
व्यवसायी और परिजन घायल, उपचार जारी
गृहस्वामी राजकुमार साहू और उनके परिवार के कुछ सदस्य इस घटना में घायल हुए हैं। उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मधुबनी रेफर किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का मुआयना
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने इलाके में गश्ती और चेकिंग अभियान तेज कर दिया है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
ग्रामीणों में भय का माहौल, सुरक्षा की माँग तेज
सहूरिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने रात में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की माँग की है। कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से डकैतों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष: अपराध पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है सतर्कता और त्वरित कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल डकैती और एक डकैत की मौत की घटना ने एक बार फिर से बिहार में ग्रामीण सुरक्षा और पुलिस की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पर अब घटना की निष्पक्ष और तेज़ जांच का दबाव है ताकि सच्चाई सामने आए और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।