
दरभंगा, देशज न्यूज। शुक्रवार को लोहिया चरण सिंह कॉलेज में भारत की प्रथम महिला शिक्षक सावित्री बाई फुले की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। मुख्य वक्ता के रूप में उमेश राय ने कहा, धार्मिक पाखंड, अंधविश्वास, आडंबर, ही हमारे समाज के विकास के मुख्य बाधक हैं। इन धार्मिक पाखंड को समाप्त किए बगैर समाज के पिछड़े, दलित तबका का विकास संभव नहीं है। डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सुमन कुल अनुशासक लनामिवि दरभंगा ने कहा, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फूले, पेरियार ई वी रामास्वामी नायकर, बाबा साहब अंबेडकर और भगत सिंह के सपनों का भारत बनाने के लिए मौजूदा संविधान व जनतंत्र विरोधी हुकूमत के खिलाफ आम आवाम को प्रेरित करना ही ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फूले और रामसेवक यादव के विरासत को आगे बढ़ाने का असली संकल्प है।
दिनेश साफी पूर्व उपनिदेशक शिक्षा विभाग ने कहा, भारत की प्रथम महिला शिक्षक और आधुनिक मराठी कविता की प्रथम इंकलाबी कवित्री सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को मौजूदा दौर के सामाजिक और शैक्षणिक संघर्षों की प्रेरणा स्रोत के बतौर देखना चाहिए इस अवसर पर डॉ अयूब ने कहा कि हम लोगों को अपने पुरखों को याद करना चाहिए जब समाज कुछ भी नकली विद्वानों को महिमामंडित करता है ऐसे अवसर पर दलित, पिछड़ा वर्ग के सच्चे महापुरुषों को हम लोगों को याद उनके कामों को समाज के बीच पहुंचाने का काम करेंगे।
आज ही डॉ. राम सेवक यादव की दूसरी स्मृति के रूप में एक साथ समारोह पूर्वक मनाया गया।
अन्य वक्ताओं में ऑन अहमद डॉ. विनोद कुमार साह, पूर्व प्राचार्य राम अवतार यादव, डॉ. कैलाश यादव, डॉ. कामेश्वर यादव, प्रोफेसर रामभरोस यादव, डॉ नवल किशोर यादव प्रोसूधी लाल यादव अभय कुमार दिनेश कुमार प्रो कल्याण भारती प्रमुख थे संपूर्ण सभा का संचालन सभा के अध्यक्ष कॉलेज के प्राचार्य शिवनारायण यादव व संचालन राम पवित्र यादव ने किया।
DARBHANGA NEWS-पाखंड, अंधविश्वास, आडंबर पर चोट ही सावित्री बाई की सच्ची श्रद्धाजंलि








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