
दरभंगा कोर्ट का कड़ा फैसला! नाबालिग को फुसलाकर कलकत्ता ले गया था युवक, अब 10 साल की जेल। नाबालिग के अपहरण और शोषण में दोषी! दरभंगा कोर्ट ने राम पुकार मिश्रा को सुनाई 10 साल की सज़ा।राम पुकार मिश्रा को सज़ा! कलकत्ता से अपहृत नाबालिग के केस में दरभंगा कोर्ट का फैसला आया। दरभंगा में पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी को मिली सख्त सज़ा।@दरभंगा, कोर्ट रिपोर्टर, देशज टाइम्स।
दरभंगा में POSCO कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग के अपहरण और शारीरिक शोषण मामले में अभियुक्त को 10 साल की सजा
दरभंगा, देशज टाइम्स कोर्ट रिपोर्ट | नाबालिग लड़की के अपहरण (Minor Kidnapping) और यौन शोषण (Sexual Abuse) के मामले में दरभंगा की विशेष POCSO अदालत ने आरोपी राम पुकार मिश्रा को 10 साल का सश्रम कारावास और ₹20,000 जुर्माना की सजा सुनाई है। यह सजा बहादुरपुर थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी राधाकांत मिश्रा के पुत्र को दी गई।
क्या है पूरा मामला?
12 जून 2015 को बहादुरपुर थाना कांड संख्या 181/15 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि राम पुकार मिश्रा ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर गलत नियत से अपहरण कर लिया और कोलकाता ले गया।
जांच के दौरान पुलिस ने कोलकाता से पीड़िता को बरामद किया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 366(A), 370, 376 और POCSO Act की धारा 4 में चार्जशीट दाखिल की गई।
गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनाई गई सजा
विशेष लोक अभियोजक (Special PP) विजय कुमार ने बताया कि अदालत में 7 गवाहों की गवाही और 8 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने किन धाराओं में दी सजा?
धारा 366(A) के तहत 10 साल की सश्रम कारावास और ₹10,000 जुर्माना। POCSO Act की धारा 10 के तहत 7 साल की सजा और ₹10,000 जुर्माना। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी (Concurrent Sentences)
लंबे समय से चल रहा था मुकदमा
इस केस की सुनवाई GR नंबर 31/15 के तहत की गई थी और 23 नवंबर 2015 को आरोपी के खिलाफ संज्ञान लिया गया था। करीब 9 वर्षों की कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीड़िता को न्याय मिला।