
खेत में काम करते-करते तोड़ा दम! रोज़गार की तलाश में पंजाब गए भोगी राम की संदिग्ध मौत!गांव लौटा शव, बिलख पड़ा परिवार। गरीबी ने छीनी ज़िंदगी! खेत में धान रोपते समय भोगी राम की गई जान। सरकार कहां है? खेत में मरे मजदूर को अब सहायता की दरकार, गांववालों ने उठाई मांग। “पापा अब कभी नहीं लौटेंगे…” 5 बच्चों के सिर से उठा साया, मौत की वजह अब तक रहस्य@मधुबनी, देशज टाइम्स।
पंजाब में मजदूरी कर रहे मधुबनी के भोगी राम की संदिग्ध हालात में मौत, गांव में मचा कोहराम
मधुबनी, देशज टाइम्स। पंजाब में रोजगार की तलाश में गए हरलाखी प्रखंड के जिरौल गांव निवासी 60 वर्षीय भोगी राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे महज एक महीने पहले ही पंजाब के एक स्थानीय सरदार के खेत में मजदूरी करने गए थे।
खेत में काम करते हुए अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों के अनुसार, सोमवार को धान रोपने के दौरान भोगी राम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में खेत में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी उनके मालिक ने परिजनों को फोन पर दी। हालांकि, मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
शव पहुंचते ही गांव में मचा मातम
मंगलवार की देर रात जब शव गांव पहुंचा, तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों के रुदन से माहौल गमगीन हो उठा। ग्रामीणों की भारी भीड़ भोगी राम के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।
पांच बच्चों के पिता थे भोगी राम
भोगी राम अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और तीन विवाहित बेटियों को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर थी, जिससे मजबूर होकर उन्होंने गांव छोड़ पंजाब में मजदूरी का रास्ता चुना था। उनकी असमय मौत ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। अब बेटों के सामने घर चलाने और रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। यह घटना गरीब मजदूरों की असुरक्षित स्थिति और रोजगार की विवशता को फिर एक बार उजागर करती है।