
दरभंगा के जल संकट का निदान होगा। साथ ही, पश्चिमी कोसी तटबंध पर टू लेन सड़क बनेंगी। इसके लिए पश्चिमी कोसी तटबंध का उन्नयन होगा। लगभग 3 सौ करोड़ की लागत से 24 किलोमीटर में टू लेन सड़क बनेंगी।@दरभंगा,देशज टाइम्स।
नल से पानी की आपूर्ति होने के बाबजूद समस्या
जानकारी के अनुसार, गिरते भूजल स्तर के कारण दरभंगा जिले के अधिकांश गांव एवं टोले में नागरिकों के समक्ष सुरक्षित पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है तथा नल से पानी की आपूर्ति होने के बाबजूद समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो रहा है।
पानी के संकट के स्थाई समाधान के लिए
भू-जल स्तर के नीचे गिरने के कारण घरेलू उपयोग के साथ साथ मवेशियों तथा कृषि उपयोग के लिए भी पानी के संकट के स्थाई समाधान के लिए पहल की जा रही है। साथ हो ज्यादे आवश्यकता वाले सार्वजनिक स्थानों पर चापाकल की व्यवस्था के साथ साथ जल पुनर्भरन योजना को प्रोत्साहित करने की पहल शुरू की जाएगी।
ई समाधान के लिए
इन समस्या को लेकर स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में केंद्रीय शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भेंट की है। उन्होंने बताया कि बांध पर टू लेन सड़क सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है।
ई समाधान के लिए
पेयजल की समस्या का समाधान के लिए जल नल योजना से लगातार आपूर्ति करने, सभी आवश्यकता वाले सार्वजनिक स्थानों पर चापाकल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए इसके लिए ठोस पहल किया जाना आवश्यक है।
3 सौ करोड़ रुपए की लागत, डीपीआर मंत्रालय को भेजा
सांसद डा ठाकुर ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री के समक्ष पश्चिमी कोशी तटबंध के उच्चीकरण सुदृढ़ीकरण की पहल की जा रही है। लगभग 66 वर्ष पहले बने इस तटबंध का सुदृढ़ीकरण नहीं किया और ना ही इसकी व्यापक उपयोगिता के लिए स्थाई पहल की गई थी। लेकिन, अब केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से लगभग तीन सौ करोड़ रुपए की लागत पश्चिमी कोशी तटबंध के भेजा से गंडौल के बीच इस तटबंध के नवीनीकरण तथा इस पर टू लेन सड़क निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेज दिया गया है।
भुभौल गांव के पास बांध टूट जाने से जानमाल
उन्होंने बताया कि पिछले साल भी बाढ़ के पानी के दबाव के कारण भुभौल गांव के पास बांध टूट जाने से जानमाल की भारी तबाही हुई थी। यदि इस तटबंध का नवीनीकरण तथा इस पर टू लेन सड़क बन जाने से जहां भविष्य में जान माल की क्षति तथा तबाही पर रोक लगाई जा सकती है। वहीं चार जिलों मधुबनी सुपौल दरभंगा तथा सहरसा का आपस मे बेहतर सड़क कनेक्टिविटी भी उपलब्ध हो जाएगी।