
कोर्ट से भागा दोषी! जेल जाने के डर से चंपत हुआ रंजन ठाकुर, कुछ घंटों तक ठप रही न्याय प्रक्रिया। पॉक्सो कोर्ट में हड़कंप! दोषी घोषित होते ही भागा मुजरिम – फिर लौट आया डर के मारे। जेल का नाम सुनते ही कोर्ट से भागा अपराधी! फिर खुद ही वापस लौटा – जानिए क्यों? कोर्ट से भागा दोषी, लौटते ही भेजा गया जेल! दरभंगा में नाटकीय घटनाक्रम। POCSO कोर्ट से भागने वाले रंजन ठाकुर की अब खैर नहीं! अलग से होगी FIR और कार्रवाई।दरभंगा, कोर्ट रिपोर्टर, देशज टाइम्स।
पॉक्सो कोर्ट से दोषी घोषित होते ही भागा अभियुक्त, कुछ घंटों बाद खुद लौटा न्यायालय
दरभंगा, कोर्ट रिपोर्टर, देशज टाइम्स। पॉक्सो कोर्ट ने जब एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया, तो वह न्यायालय प्रकोष्ठ से भाग गया। हालांकि कुछ घंटों बाद वह स्वेच्छा से लौट आया, जिसके बाद सजा सुनाकर उसे जेल भेज दिया गया।
क्या है मामला? कमतौल का रंजन कुमार ठाकुर
विवरण | जानकारी |
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अभियुक्त का नाम | रंजन कुमार ठाकुर |
पिता का नाम | अजय कुमार ठाकुर |
गांव/थाना क्षेत्र | ब्रह्मपुर पश्चिमी, कमतौल |
कांड संख्या | कमतौल थाना कांड सं. 162/21 (जीआर नं. 50/21) |
अदालत | पॉक्सो कोर्ट, विशेष न्यायाधीश – प्रतिमा परिहार |
अभियोजन अधिकारी | स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित |
कोर्ट का फैसला
IPC की धारा 341 के तहत: 1 माह का कारावास। POCSO एक्ट की धारा 12 के तहत: 3 वर्ष का सश्रम कारावास। न्यायालय ने 3:30 बजे अपराह्न सजा पर सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया था, लेकिन दोषी अभियुक्त रंजन ठाकुर कोर्ट से भाग गया, जिससे सजा की प्रक्रिया रुक गई।
कोर्ट से भागने की घटना
न्यायालय के पीठ लिपिक ने अभियुक्त के फरार होने की सूचना लहेरियासराय थाना को देते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु आवेदन भेजा। घटना से न्यायिक प्रक्रिया कुछ घंटों तक बाधित रही। अंततः अभियुक्त स्वेच्छा से कोर्ट लौटा, जिससे सजा सुनाने की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने बताया
स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने बताया कि दोषसिद्धि के बाद अभियुक्त के कोर्ट से भाग जाने से कार्यवाही प्रभावित हुई। लौटने के बाद न्यायालय ने सजा सुनाई, लेकिन भागने की घटना पर अलग से कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।