
पटना पुलिस लाइन में फांसी से झूलता मिला चालक सिपाही! परिवार में मचा कोहराम। बेटे ने कमरे में देखा पिता को फंदे पर लटका – पटना पुलिस लाइन में आत्महत्या से सनसनी। “पापा कुछ नहीं बोलते थे…” बेटे की शादी और पारिवारिक कलह ने ले ली जान?पति ने लगाई फांसी, पत्नी मायके चली गई थी – पटना पुलिस लाइन में दर्दनाक घटना।पटना पुलिसकर्मी की आत्महत्या! एफएसएल जांच शुरू, बेटे की शादी बना वजह?2004 से सेवा दे रहे थे अशोक सिंह – आखिर ऐसा क्या हुआ कि जान दे दी?@पटना,देशज टाइम्स
पटना पुलिस लाइन में चालक सिपाही अशोक कुमार सिंह की आत्महत्या से सनसनी, पारिवारिक कलह- वजह
पटना, देशज टाइम्स | पटना पुलिस लाइन परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब चालक सिपाही अशोक कुमार सिंह की लाश उनके सरकारी क्वार्टर में फांसी के फंदे से लटकी मिली। यह दर्दनाक घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जब उनके बड़े बेटे ने उन्हें कमरे में फंदे से झूलता पाया।
बेटे ने देखा पिता को फंदे से लटका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशोक कुमार सिंह के बड़े बेटे अजीत कुमार सिंह ने सुबह कमरे का दरवाजा खोला तो उन्होंने देखा कि उनके पिता फांसी के फंदे पर झूल रहे हैं। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पटना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच प्रारंभ की।
2004 से पटना पुलिस लाइन में थे पदस्थापित
अशोक कुमार सिंह, जो कि चालक सिपाही (Driver Constable) के पद पर कार्यरत थे, 2004 से पटना पुलिस लाइन में तैनात थे। वे परिवार सहित पुलिस लाइन परिसर में रहते थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं – अजीत कुमार सिंह और रंजीत कुमार सिंह। अजीत की हाल ही में शादी हुई थी। रंजीत ने प्रेम विवाह किया था, जिससे अशोक कुमार नाराज़ बताए जा रहे थे।
पारिवारिक विवाद बना आत्महत्या का संभावित कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पारिवारिक तनाव इस आत्मघाती कदम की प्रमुख वजह हो सकती है। दो दिन पहले अशोक कुमार की पत्नी गुस्से में मायके चली गई थीं, जिससे उनका मानसिक संतुलन प्रभावित हुआ प्रतीत हो रहा है।
बेटे अजीत कुमार ने भी बताया कि,
“पिता पिछले कुछ दिनों से बहुत शांत और उदास रहने लगे थे। किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे।”
एफएसएल टीम ने शुरू की वैज्ञानिक जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम भी पहुंची। टीम ने घटनास्थल से तकनीकी सबूतों को एकत्र किया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि:
“पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि की जा सकेगी।”
फ़िलहाल कोई साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना नहीं जताई गई है।
पुलिस महकमे में शोक और सतर्कता
इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। एक अधिकारी ने कहा कि:
“अशोक जी वर्षों से सेवा में थे, वे एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही थे। उनका यूं जाना बहुत दुखद है।”
इसी के साथ, मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा फिर से जोर पकड़ रही है, खासकर सुरक्षा बलों में तनाव के मुद्दों को लेकर। NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में पुलिसकर्मियों की आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
आगे की कार्रवाई में क्या हो रहा है?
प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है क्योंकि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। परिवार का बयान दर्ज किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। विभागीय जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है।