

बिहार में घरेलू गैस का संकट! मधुबनी में ट्रक ड्राइवर की मौत के बाद हड़ताल। 5 जिलों में गैस सप्लाई ठप! ट्रक चालक की मौत के बाद IOC प्लांट पर हंगामा। गांव-शहर में गैस संकट! चालक की मौत से सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी और वैशाली , मुआवजे को लेकर तनाव। गैस प्लांट पर गरमाया माहौल! ट्रक चालक की मौत के बाद IOC पर फूटा गुस्सा
गैस सप्लाई ठप: ट्रक चालक की मौत के बाद हड़ताल से उत्तर बिहार के पांच जिले प्रभावित
मधुबनी में ट्रक ड्राइवर की करंट से मौत के बाद बड़ा विरोध, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में घरेलू गैस की सप्लाई पर असर
दरभंगा, देशज टाइम्स | उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी और वैशाली जिलों में घरेलू गैस (Domestic Gas) की सप्लाई ठप हो गई है। यह संकट मधुबनी के बेनीपट्टी में एक ट्रक चालक की करंट से हुई मौत के बाद उत्पन्न हुआ, जिसके विरोध में गैस सप्लाई करने वाले ट्रक चालक हड़ताल पर चले गए।
करंट लगने से हुई मौत, चालकों का फूटा गुस्सा
मिली जानकारी के अनुसार, नवीन कुमार नामक ट्रक चालक की मौत बेनपट्टी स्थित राजनंदनी गैस एजेंसी पर बिजली के करंट लगने से हो गई। चालकों का आरोप है कि प्लांट मैनेजर को कई बार बिजली के लटकते तारों की शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
100 ट्रक बिना लोडिंग के लौटे, गैस आपूर्ति ठप
शेरपुर स्थित IOCL (Indian Oil Corporation Limited) गैस प्लांट से 100 ट्रकों की लोडिंग नहीं हो सकी। ट्रक चालकों ने गैस लोडिंग से इनकार कर दिया और मधुबनी पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे पूरे इलाके में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है।
चालकों की मांग: मुआवजा और प्राथमिकी
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि प्लांट की लापरवाही से यह मौत हुई है। चालक को जबरन भेजा गया, जबकि सभी को करंट लगने का खतरा पहले ही बताया गया था। चालकों ने दो लाख रुपये का तत्काल मुआवजा, 22 लाख के बीमा क्लेम, और प्लांट मैनेजर पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
आगजनी की बड़ी घटना हो सकती थी – बड़ा हादसा टला
चालकों का कहना है कि यदि ट्रक में गैस लदी होती तो आगजनी की बड़ी घटना हो सकती थी। IOCL के अधिकारियों ने सप्लाई बहाल करने का भरोसा दिया है, लेकिन जब तक सुरक्षा की गारंटी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
100 ट्रक की लोडिंग नहीं, गैस सप्लाई पर ब्रेक
मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, सीतामढ़ी प्रभावित
प्लांट की लापरवाही, पहले भी चेतावनी दी गई थी
22 लाख का बीमा क्लेम, 2 लाख तत्काल मुआवजा
FIR और सुरक्षा की गारंटी की मांग
क्या होगा असर?
अगर हड़ताल लंबी खिंचती है तो गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ सकती है और कालाबाजारी की संभावना भी है। इससे आम जनता और गैस डीलरों दोनों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।





