
सतीश चंद्र झा, बेनीपुर, दरभंगा | जिले के शिक्षा तंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (Supply Officer) के पद पर कार्यरत रूपेश कुमार झा ने गुरुवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के रूप में बेनीपुर में अपना नया पदभार ग्रहण किया।
डीएम कौशल कुमार के निर्देश पर हुई नियुक्ति
यह नियुक्ति दरभंगा जिला पदाधिकारी श्री कौशल कुमार के निर्देशन में हुई है। जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। श्री कौशल कुमार एक सक्रिय और प्रशासनिक दृष्टिकोण से मजबूत अधिकारी माने जाते हैं, जो कि शिक्षा से संबंधित कार्यों में प्रत्यक्ष निगरानी रखते हैं।
सेवानिवृत्त हुईं पूर्व BEO इंदू सिंहा
इस अवसर पर निवर्तमान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इंदू सिंहा ने भी अपने लंबे कार्यकाल को समाप्त करते हुए सेवानिवृत्ति ग्रहण की। गुरुवार को ही उन्होंने औपचारिक रूप से पद छोड़ा। उनके कार्यकाल में शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन, विद्यालय निरीक्षण, तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं को प्राथमिकता दी गई।
बहेड़ा में भावभीना विदाई समारोह का आयोजन
विदाई कार्यक्रम का आयोजन जयानन्द उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बहेड़ा के परिसर में किया गया। इसमें प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों के शिक्षकगण, शिक्षा सेवियों, तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
सभी ने इंदू सिंहा के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके लिए स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
रूपेश झा ने पदभार ग्रहण करते ही दिए प्राथमिकता के संकेत
नवनियुक्त BEO रूपेश कुमार झा ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि:
“मेरी प्राथमिकता होगी कि शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण, विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण, और विद्यार्थियों की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए। साथ ही हम शिक्षा से जुड़े मुद्दों को डिजिटल मॉनिटरिंग से भी जोड़ने की योजना पर काम करेंगे।”
उनकी नियुक्ति से शिक्षा विभाग में नवीन ऊर्जा की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि वे प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं।
बहेड़ा क्षेत्र में शिक्षा को लेकर सकारात्मक संकेत
बहेड़ा, बेनीपुर प्रखंड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जहां शिक्षा संबंधी योजनाओं का ग्रामीण क्षेत्र पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यहाँ BEO की भूमिका सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए भी निर्णायक होती है।