
दरभंगा। जल संकट ([water crisis in Darbhanga]) को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान दरभंगा-बेनीपुर-बिरौल-कुशेश्वरस्थान-सहरसा मुख्य मार्ग को टीकापट्टी में 5 घंटे तक जाम कर दिया गया। इससे दोनों ओर सैकड़ों गाड़ियाँ फंस गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तपती धूप में घंटों फंसे रहे यात्री
हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इंसानियत दिखाते हुए मरीजों, महिलाओं और परीक्षा देने जा रहे छात्रों को जाम से निकलने दिया। बाकी यात्री तपती धूप में घंटों फंसे रहे। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
जन प्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर उठे सवाल
पाइपलाइन अधूरी, बोरिंग नहीं, हालात जस के तस
सीपीआई (एम) नेता गणेश महतो ने बताया कि,
“हम जून से जल संकट को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। पाइप लाइनें टूटी पड़ी हैं, बोरिंग नहीं हो रही। ये सब डबल इंजन सरकार की लापरवाही है।“
गांवों में हालात और खराब
प्रदर्शन में शामिल संजय लाल देव ने कहा कि
“ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी बदतर हैं। लोग मटके में पानी भरकर पी रहे हैं, मवेशियों तक के लिए पानी नहीं है। प्रशासन और विभाग से कई बार संपर्क किया गया, पर कोई समाधान नहीं मिला।“
दलित-महादलित बस्तियों में नहीं पहुंची जल-नल योजना
बिना बोरिंग, बिना चापाकल के रह रहे लोग
बहादुरपुर प्रखंड के रामप्रीत राम ने बताया,
“पिछले डेढ़ महीने से अधिकारियों से शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। दलित-महादलित बहुल इलाकों में न जल-नल योजना पहुंची है, न ही बोरिंग।“
प्रशासन ने दिया चापाकल लगाने का आश्वासन
एसडीएम और पीएचईडी पहुंचे मौके पर
प्रदर्शन के दौरान सदर एसडीएम विकास कुमार और पीएचईडी के एसडीओ शिव कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। उन्होंने जल्द चापाकल और बोरिंग की व्यवस्था का आश्वासन दिया।
CPM नेता श्याम भारती ने कहा कि,
“यह प्रदर्शन पूर्व घोषित था, प्रशासन को पहले ही सूचना दी गई थी। फिलहाल आश्वासन मिलने के बाद जाम हटाया गया है, लेकिन समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन फिर तेज होगा।“