
Zeeshan Siddiqui Death Threat: कांग्रेस के दिग्गज नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे Zeeshan Siddiqui को धमकी देने वाले दरभंगा का मास्टर माइंड गिरफ्तार! इंटरपोल ने दिलशाद-नवेद को विदेश से पकड़ा है। 10 करोड़ की फिरौती, लॉरेंस बिश्नोई का नाम और विदेशी साजिश का मुंबई क्राम ब्रांच और इंटरपोल ने किया पर्दाफाश।दरभंगा-मुंबई, देशज टाइम्स।
Zeeshan Siddiqui की हत्या की थी धमकी, आखिर कैसे पकड़ाया दिलशाद और नवेद, कैसे हुई गिरफ्तारी, देशज टाइम्स पर पढ़िए पूरी इनसाइट स्टोरी?
मुंबई क्राम ब्रांच और इंटरपोल की लगातार सक्रियता की वजह से – Zeeshan को धमकी देने वाले दरभंगा के दो दिलशाद-नवेद को दबोच लिया है। 10 करोड़ फिरौती और हत्या की साजिश बेनकाब। ईमेल से धमकी, विदेश से प्लान – आखिर कैसे पकड़े गए दिलशाद और नवेद? पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी@दरभंगा-मुंबई, देशज टाइम्स।
– कांग्रेस नेता जीशान सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के ज़रिए दो आरोपियों को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पित किया गया है।
एक नजर में जानिए पूरी वारदात का घटनाक्रम
विषय | विवरण |
---|---|
मुख्य पीड़ित | जीशान सिद्दीकी (कांग्रेस नेता, बाबा सिद्दीकी के बेटे) |
आरोपी | मोहम्मद दिलशाद और मोहम्मद नवेद (उम्र 35 वर्ष) |
मूल निवासी | दरभंगा, बिहार |
आरोप | जान से मारने की धमकी, फिरौती मांगना (10 करोड़ रुपये) |
धमकी माध्यम | ईमेल (19-21 अप्रैल के बीच भेजे गए) |
शिकायत दर्ज | 21 अप्रैल, बांद्रा पुलिस स्टेशन |
जांच हस्तांतरण | 23 अप्रैल, क्राइम ब्रांच |
लोकेशन ट्रेस | इंटरनेशनल IP और त्रिनिदाद के मोबाइल नंबर के जरिए |
गिरफ्तारी तारीख | इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के बाद प्रत्यर्पण |
वर्तमान स्थिति | मुंबई सहार पुलिस स्टेशन में औपचारिक गिरफ्तारी, पूछताछ जारी |
अब जानिए कैसे हुई गिरफ्तारी?
जीशान सिद्दीकी को अप्रैल में लगातार तीन दिनों तक धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। ईमेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेते हुए कहा गया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या में उसका हाथ है। धमकी में 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई। तकनीकी जांच के दौरान ईमेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस और मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया गया, जो त्रिनिदाद व टोबैगो में पाया गया। 28 अप्रैल को लुकआउट सर्कुलर और फिर इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। इंटरपोल की मदद से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया और भारत प्रत्यर्पित किया गया।
Zeeshan Siddiqui की हत्या की धमकी में आगे पढ़िए ?
दरभंगा के दोनों आरोपी मो.दिलशाद और मो. नवेद जिन दोनों की उम्र करीब पैंतीस साल बताई जा रही है। विदेश में बैठकर बाबा सिद्दीकी के बेटे जिशान को धमकी दी थी। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने धमकी और फिरौती की तहकीकात तेज की और इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर आरोपी मो. दिलशाद और मो. नवेद जो मूल रूप से दरभंगा के रहने वाले हैं और और लंबे समय से त्रिनिदाद में रह रहा है को दबोचा गया।
Zeeshan Siddiqui से 10 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी
मुंबई पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस नेता जीशान सिद्दीकी को 19, 20 और 21 अप्रैल को लगातार धमकी भरे ईमेल हासिल हो रहे थे। ईमेल भेजने वाले ने दावा किया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का हाथ है। इन ईमेल्स में जीशान सिद्दीकी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
Zeeshan Siddiqui से कहा गया तेरा भी हाल वही करेंगे जो…
नहीं देने पर उनका भी वही हश्र होगा जो उनके पिता का हुआ, ऐसा बताया जा रहा था। इस मामले की शिकायत 21 अप्रैल को बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसे 23 अप्रैल को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि धमकी भरे ईमेल एक इंटरनेशनल आईपी एड्रेस और त्रिनिदाद व टोबैगो के मोबाइल नंबर से भेजे गए थे।
Zeeshan Siddiqui केस में पहले लुकआउट फिर रेड कॉर्नर
तकनीकी जांच के बाद मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर दिलशाद और नवेद की पहचान की गई। इसके बाद 28 अप्रैल को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। फिर इंटरपोल के ज़रिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ।
Zeeshan Siddiqui मामले में कई खुलासे अभी बाकी है?
इंटरपोल की मदद से आरोपी को त्रिनिदाद में हिरासत में लिया गया और फिर भारत प्रत्यर्पित किया गया। मुंबई लाकर आरोपी को सहार पुलिस स्टेशन में क्राइम ब्रांच ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। कई खुलासे होने की संभावना है।