

मधुबनी में दो केंद्रीय विद्यालय खोलने की पहल, सदर और झंझारपुर के लिए अलग-अलग प्रस्ताव
मधुबनी, देशज टाइम्स | मधुबनी जिला प्रशासन ने जिले में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) की स्थापना को लेकर बड़ी पहल की है। सदर अनुमंडल के साथ अब झंझारपुर अनुमंडल के लिए भी अलग प्रस्ताव तैयार कर बिहार सरकार को भेजा गया है।
मुख्य बिंदु: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर
मधुबनी सदर और झंझारपुर अनुमंडल के लिए अलग-अलग प्रस्ताव। पहले भेजे गए मधुबनी प्रस्ताव को प्राथमिकता। डीएम आनंद शर्मा ने किया स्पष्ट – दोनों प्रस्ताव स्वतंत्र।शैक्षणिक जरूरतों, जनसंख्या घनत्व, और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर पहल। केंद्रीय विद्यालय से जिले में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर।
दोनों प्रस्ताव स्वतंत्र, एक-दूसरे के विकल्प नहीं
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि मधुबनी की जनसंख्या, क्षेत्रफल और शैक्षणिक मांग को देखते हुए दो अलग-अलग प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया—
“दोनों प्रस्ताव स्वतंत्र हैं और एक-दूसरे के विकल्प नहीं। यदि केंद्र सरकार केवल एक विद्यालय स्वीकृत करती है, तो प्राथमिकता पहले भेजे गए मधुबनी सदर प्रस्ताव को दी जाएगी।”
झंझारपुर के लिए नया प्रस्ताव भेजा गया
झंझारपुर अनुमंडल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) प्रदान करने के उद्देश्य से नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव बिहार शिक्षा विभाग को भेजा गया है, ताकि झंझारपुर क्षेत्र को भी केंद्रीय विद्यालय की सुविधा मिल सके।
लोगों से अपील – भ्रम न पालें
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को लेकर कोई भ्रम (confusion) न रखें। यह एक तकनीकी प्रक्रिया है जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की स्वीकृति जरूरी है। सर्वेक्षण, जनसंख्या घनत्व और शिक्षा की जरूरतों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय से होगा शिक्षा का सशक्तिकरण
केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से छात्रों को समान अवसर, उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही, यह पहल जिले के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।



