
दरभंगा के अरविंद अचल बने बिहार के पहले इंटरनेशनल अंपायर, मिथिला का नाम रोशन। स्विट्जरलैंड से लेकर एस्टोनिया तक… दरभंगा के अरविंद अचल की इंटरनेशनल अंपायरिंग में धमाकेदार एंट्री। अरविंद अचल ने रचा इतिहास!@दरभंगा,देशज टाइम्स।
बिहार से जन्मे पहले इंटरनेशनल क्रिकेट अंपायर बने अरविंद अचल, गौरवान्वित हूं
बिहार से जन्मे पहले इंटरनेशनल क्रिकेट अंपायर बने। मिथिला का बेटा इंटरनेशनल स्टेज पर चमका! दरभंगा के अरविंद बने ICC अंपायर। बाल्टिक सागर किनारे हुए मैच में चमके दरभंगा के अरविंद – बिहार का नाम किया रोशन। अरविंद अचल की सफलता की कहानी: इंजीनियर से इंटरनेशनल अंपायर बनने तक का सफर@दरभंगा,देशज टाइम्स।
अरविंद अचल बने अंतरराष्ट्रीय अंपायर, मिथिला और बिहार का बढ़ाया मान
मनीगाछी, देशज टाइम्स। प्रखंड क्षेत्र के मकरंदा गांव के प्रो. टुनटुन झा अचल के सुपुत्र अरविंद अचल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अंपायर बनकर पूरे मिथिला और बिहार का नाम रोशन किया है। वर्तमान में वे स्विट्जरलैंड में कार्यरत हैं और हाल ही में एस्टोनिया की राजधानी टालिन में आयोजित टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला (Estonia vs Switzerland) में अंपायरिंग करके इतिहास रच दिया।
मिथिला के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अंपायर
अरविंद अचल अब बिहार में जन्मे पहले अंतरराष्ट्रीय अंपायर बन गए हैं। उनके इस गौरवपूर्ण क्षण ने पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल पैदा कर दिया है।
शिक्षा और करियर पृष्ठभूमि
पिता : डॉ. टुनटुन झा अचल, पूर्व विभागाध्यक्ष (भूगोल विभाग, मिथिला विश्वविद्यालय), प्रारंभिक पढ़ाई : दरभंगा और पटना साइंस कॉलेज। उच्च शिक्षा : इंजीनियरिंग और MBA, वर्तमान : स्विट्जरलैंड में कार्यरत।
क्रिकेट से गहरा नाता
बचपन से क्रिकेट में रुचि। 90 के दशक में विश्वविद्यालय के लिए क्रिकेट खेला। दिल्ली प्रवास के दौरान आकाशवाणी (AIR) पर क्रिकेट और खेलों से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए। क्रिकेट स्विट्जरलैंड और ICC से मान्यता प्राप्त अंपायरिंग योग्यता हासिल की। कड़ी मेहनत से जल्द ही बने स्विट्जरलैंड के श्रेष्ठ अंपायरों में शुमार
अरविंद अचल के परिवार, बल्कि पूरे मिथिला और बिहार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंपायरिंग करना न सिर्फ अरविंद अचल के परिवार, बल्कि पूरे मिथिला और बिहार के लिए एक गर्व और प्रेरणा का क्षण है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए भी संदेश है कि मेहनत और जुनून से वैश्विक मंच तक पहुँचना संभव है।