spot_img

Madhubani Election का चुनावी कांव-कांव | उजड़े परिवारों का MLA से सवाल – “ढाई हज़ार से चलेगा घर?” उमगांव में हंगामा-राजी नहीं हुए विधायक जी, देखें VIDEO

spot_img
- Advertisement -

मधुबनी में MLA पर जनता का गुस्सा! जली दुकानों पर सिर्फ 2500 मदद, लोगों ने मांगे 10 हज़ार। आग से उजड़े परिवारों का MLA से सवाल – “ढाई हज़ार से चलेगा घर?” उमगांव में हंगामा। जली दुकानों का दर्द, MLA की छोटी मदद – उमगांव में लोगों ने जताया आक्रोश।@मधुबनी देशज टाइम्स। देखें VIDEO

- Advertisement -

उमगांव में MLA का सामना गुस्से से!

चुनावी साल में MLA को जनता ने घेरा! कहा – “ढाई हज़ार से पेट नहीं भरता”। उमगांव में MLA का सामना गुस्से से! पीड़ित बोले – हमें 10 हज़ार दो वरना वादा मत करो। “ढाई हज़ार क्यों, 10 हज़ार चाहिए” – जली दुकानों के पीड़ितों ने विधायक से किया सवाल।@मधुबनी देशज टाइम्स। देखें VIDEO

- Advertisement -

Highlights) राजी नहीं हुए विधायक जी…

उमगांव बाजार में आग से कई दुकानें जलीं। विधायक सुधांशु शेखर ने ढाई हजार मदद की घोषणा की। पीड़ितों ने 10 हजार की मांग की, पर विधायक राज़ी नहीं हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ नाराजगी जताई। देखें VIDEO

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Madhubani News: मधुबनी में LPG Gas की किल्लत की अफवाहें खारिज, प्रशासन ने जारी किए आंकड़े, अब घर-घर पहुंचेगा सिलेंडर!

मधुबनी: उमगांव में विधायक सुधांशु शेखर पर फूटा आक्रोश, जली दुकानों के पीड़ितों ने जताई नाराजगी

मधुबनी, देशज टाइम्स। हरलाखी विधानसभा चुनावी साल में हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर को अपने ही क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा। दरअसल, उमगांव बाजार में दो दिन पहले आग लगने से तीन फल की दुकानें सहित कई अन्य दुकानें जलकर राख हो गईं

दुकानदारों की मांग – 10 हजार मदद

दुकानें जलने से प्रभावित परिवारों का पेट पर आफत आ गई। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक उमगांव पहुंचे और पीड़ितों का हाल-चाल लिया। उन्होंने प्रत्येक परिवार को ढाई हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही। लेकिन, पीड़ित परिवारों ने 10 हजार रुपये सहायता राशि की मांग रखी।

नहीं मानी मांग तो फूटा गुस्सा

जब विधायक ने अधिक मदद देने से इनकार किया, तो आक्रोशित पीड़ितों और ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि चुनावी वर्ष में सिर्फ ढाई हजार की मदद देना उनके साथ मजाक जैसा है।

चुनावी साल में बढ़ी चुनौती

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि आगजनी जैसी घटनाओं से प्रभावित लोगों को तात्कालिक राहत न मिलने पर जनप्रतिनिधियों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है। उमगांव बाजार की यह घटना अब स्थानीय राजनीति का अहम मुद्दा बन सकती है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

आपातकाल में Smartphone Charging: जब चार्जर न हो पास, तो ऐसे करें अपने फोन को चार्ज

Smartphone Charging: स्मार्टफोन की बैटरी खत्म होने पर अगर चार्जर पास न हो, तो...

पंजाब किंग्स की ऐतिहासिक जीत: कॉनोली कूपर बने संकटमोचक

Punjab Kings: क्रिकेट प्रेमियों, रोमांच और उतार-चढ़ाव से भरे एक मुकाबले में पंजाब किंग्स...

BSNL का ₹197 वाला Prepaid Plan, क्या Jio-Airtel के लिए बढ़ाएगा चुनौती?

Prepaid Plan: देश के पुराने और विश्वसनीय टेलीकॉम ऑपरेटर बीएसएनएल ने एक बार फिर...

IPL 2026 में Shreyas Iyer को लगी गंभीर चोट: क्या खत्म हो जाएगा सफर?

Shreyas Iyer: आईपीएल 2026 का रोमांच चरम पर था, जब पंजाब किंग्स और गुजरात...