

मधुबनी/साहरघाट: बिहार के मधुबनी जिले के साहरघाट बाजार में शनिवार को ‘सरस्वती अटल पुस्तकालय’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और नागरिकों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर इस महत्वपूर्ण पहल का स्वागत किया। इस पुस्तकालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को उन्नत करना और एक सुशिक्षित समाज के निर्माण में योगदान देना है।
शिक्षा के प्रसार में पुस्तकालय की भूमिका
कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने शिक्षित समाज के निर्माण में पुस्तकालयों की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय न केवल ज्ञान का भंडार होते हैं, बल्कि वे समाज के विभिन्न वर्गों के लिए सूचना, शिक्षा और आत्म-सुधार के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। सरस्वती अटल पुस्तकालय क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के लिए एक अनमोल संसाधन साबित होगा। यहाँ विभिन्न विषयों पर पुस्तकें उपलब्ध होंगी, जो पाठकों को नवीनतम जानकारी से अवगत कराएंगी और उनके ज्ञान के क्षितिज को विस्तृत करेंगी।
स्थानीय समुदाय का उत्साह
पुस्तकालय के लोकार्पण को लेकर स्थानीय समुदाय में खासा उत्साह देखा गया। लोगों का मानना है कि यह पहल साहरघाट और आसपास के क्षेत्रों में शैक्षिक जागृति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बच्चों और युवाओं को पढ़ने की आदत डालने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं व अन्य शैक्षिक गतिविधियों के लिए तैयार करने में यह पुस्तकालय एक अहम मंच प्रदान करेगा।
भविष्य की आशाएं
सरस्वती अटल पुस्तकालय से क्षेत्र के शैक्षिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह पुस्तकालय ज्ञान की प्यास बुझाने के साथ-साथ लोगों को एक बेहतर कल के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा।

