
देशज टाइम्स पॉलिटिकल डेस्क: सूबे में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद से सियासी हलचल तेज है। कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों ने अपने-अपने विभाग संभाल लिए हैं, लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा फैसला हुआ है जिसने सबको चौंका दिया है। सत्ता के गलियारों में सबसे अहम माने जाने वाले गृह विभाग को पहली बार भाजपा के पाले में डाल दिया गया है, जिसने विपक्ष को हमलावर होने का नया मौका दे दिया है।
बिहार में हाल ही में एनडीए की नई सरकार का गठन हुआ है। इसके बाद सभी मंत्री अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारी संभालने में जुट गए हैं। इसी क्रम में सबसे अधिक चर्चा गृह विभाग को लेकर हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बार गृह विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को सौंपी है। यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि परंपरागत रूप से यह विभाग हमेशा से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहा है।
गृह विभाग पर नीतीश का चौंकाने वाला फैसला
नीतीश कुमार के इस अप्रत्याशित कदम पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस फैसले से भाजपा ने नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। वहीं, सत्ता पक्ष के मंत्री इस निर्णय को राज्य के हित में एक बेहतर कदम बता रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि वे इसे सकारात्मक बदलाव मान रहे हैं।
विपक्ष के सवाल, सत्ता पक्ष के जवाब
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार ने गृह विभाग सम्राट चौधरी को दिया है, तो वह निश्चित रूप से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर तरीके से देख पाएंगे। अशोक चौधरी ने हाल के दिनों में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी इन सब पर बेहतर ढंग से नजर रख सकेंगे, दौरे कर पाएंगे और यह पता लगा पाएंगे कि कौन कहां गड़बड़ी कर रहा है।
अशोक चौधरी ने किया बड़ा दावा
यह विभाग पहली बार भाजपा के कोटे में गया है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा ने नीतीश कुमार को अपने कब्जे में कर लिया है और अब सरकार भाजपा चलाएगी। हालांकि, अशोक चौधरी ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा, “अगर आप बिहार में उद्योग लाना चाहते हैं, तो अपराधियों को पूरी तरह से नियंत्रित करना पड़ेगा। अगर नीतीश कुमार ने यह निर्णय लिया कि गृह विभाग सम्राट चौधरी को दे दिया जाए, क्योंकि उन पर भरोसा है… तो इसमें दिक्कत क्या है?”
गौरतलब है कि बीते दिनों बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने ग्रामीण कार्य विभाग पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण किया। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों ने मंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर अशोक चौधरी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विकास के कार्य और अधिक तेजी से आगे बढ़ेंगे।





