बिहार न्यूज़: क्या चुनाव के बाद भी सरकार अपने वादों पर खरी उतरती है? क्या नेताओं के आश्वासन सिर्फ वोट बैंक तक सीमित रहते हैं? बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक ऐसे मास्टरस्ट्रोक की खबर जिसने 10 लाख महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी है!
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते शुक्रवार (28 नवंबर, 2025) को एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 10 लाख महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई यह राशि कुल 1000 करोड़ रुपये है, जो प्रति लाभार्थी 10 हजार रुपये के हिसाब से वितरित की गई।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। यह राशि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद वितरित की गई पहली किस्त है, जिसने सरकार की वादों के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया है। सरकार ने अब तक इस योजना के तहत कुल सात किस्तों का हस्तांतरण किया है।
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योजना का व्यापक प्रभाव
‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत अब तक कुल एक करोड़ 46 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता भेजी जा चुकी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि 14 दिसंबर तक सभी पात्र महिलाओं को भुगतान मिल जाए। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
सरकार की घोषणा के अनुसार, जिन महिलाओं ने इन पैसों से अपना रोजगार शुरू किया है, उनकी छह महीने बाद समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के उपरांत, उन्हें व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
महिलाओं की बदलती तस्वीर: लाभार्थियों की जुबानी
इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पश्चिम चंपारण की एक लाभार्थी महिला ने मुख्यमंत्री से जुड़कर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि आप फिर से हम लोगों के बीच आए हैं। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ से हमें 10 हजार रुपये मिले, जिससे मैंने एक किराने की दुकान खोली है। इससे हमारी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।”
उन्होंने आगे बताया, “मेरी बेटी मैट्रिक में फर्स्ट आई थी, उसे भी 10 हजार रुपये मिले हैं, जिससे वह भी बहुत खुश है। उस पैसे से हम उसे कंप्यूटर कोर्स करा रहे हैं।” यह कहानी दर्शाती है कि कैसे यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है बल्कि उनके परिवारों को भी बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही है।
भागलपुर की एक अन्य लाभार्थी फूलन कुमारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए कहा, “आप जीतकर फिर से आए हैं, इसलिए हम लोग बहुत खुश हैं। आपके नेतृत्व में बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है और हम महिलाएं भी सशक्त हुई हैं।” उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें घर से बाहर निकलने का अवसर मिला।
फूलन कुमारी ने आगे कहा, “मुझे 10 हजार रुपये मिले और कुछ जीविका से सहायता लेकर मैंने कपड़े की दुकान खोली है। आपने कहा है कि 2 लाख रुपये और मिलेंगे, मैं उसे भी अपनी दुकान में लगाकर व्यवसाय को और बढ़ाऊंगी।” ये अनुभव बताते हैं कि योजनाएं कैसे जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
आगे की राह: सशक्तिकरण की नई किस्त
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदार बनाना है। लगातार किस्तों का वितरण और भविष्य में अतिरिक्त सहायता का वादा यह दर्शाता है कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।





