मधुबनी/दरभंगा न्यूज़: बिहार की आधी आबादी के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसने महिलाओं के आत्मसम्मान और आर्थिक आजादी को नई उड़ान दी है। मुख्यमंत्री ने एक झटके में 10 लाख महिलाओं के खाते में 1000 करोड़ रुपए भेजकर, एक ऐसे बदलाव की नींव रखी है, जो सिर्फ आंकड़ों से कहीं आगे है।
गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 10 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में 1000 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। प्रत्येक लाभार्थी को 10 हजार रुपये दिए गए। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पटना से आयोजित इस कार्यक्रम में मधुबनी समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में भी एक विशेष आयोजन किया गया, जहां दरभंगा के सांसद और लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर, बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी, विधायक डॉ. अजय चौधरी और डॉ. मुरारी मोहन झा, जिलाधिकारी कौशल कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने सांसद डॉ. ठाकुर और अन्य जनप्रतिनिधियों को पाग व अंगवस्त्र से सम्मानित किया। कार्यक्रम में बेनीपुरी की प्रगति स्वयं सहायता समूह की फूल देवी को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया था। यह सम्मान उनके उत्साहवर्धन के लिए किया गया।
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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: आधी आबादी को संबल
कार्यक्रम में मौजूद जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. ठाकुर ने केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की महिला उत्थान के प्रति तत्परता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार की 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को महिला रोजगार योजना के तहत राशि का अंतरण इसका जीवंत उदाहरण है।
डॉ. ठाकुर ने महिला रोजगार योजना के तहत जीविका से जुड़ी महिलाओं के उत्थान के लिए की गई पहलों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत 6 अगस्त को की गई थी, जिसमें शुरुआत में 25 हजार जीविका समूहों की 1 करोड़ 40 लाख महिलाओं ने भाग लिया था और 6 लाख 25 हजार जीविका दीदियों के खातों में 105 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई थी। इसके बाद, अक्टूबर में नवरात्रि के अवसर पर 75 लाख महिलाओं को दस-दस हजार रुपये दिए गए। और अब, 10 लाख लाभार्थियों को 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से एक हजार करोड़ रुपये की राशि निर्गत की गई है।
केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण की पहल
सांसद डॉ. ठाकुर ने महिला उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश में 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 2 करोड़ ‘लखपति दीदी’ पहले ही बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने महिला उत्थान को एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
डॉ. ठाकुर ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने महिलाओं के लिए वरदान बताया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- साइकिल योजना
- पोशाक योजना
- छात्रवृत्ति योजना
- महिला स्टार्टअप योजना
- महिला उद्यमी योजना
- नारी वंदन योजना
- मुस्लिम महिलाओं के लिए हुनर योजना
- तीन तलाक कानून
ये सभी योजनाएं जनहित में महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आरक्षण और आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में बढ़ा कदम
सांसद डॉ. ठाकुर ने त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण को आजादी के बाद से सबसे बड़ा सामाजिक पहल बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार आने वाले समय में महिलाओं को शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रोजगार और व्यापार के मुद्दे पर, सांसद डॉ. ठाकुर ने महिला उद्यमी योजना को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 5 लाख रुपये का अनुदान और 5 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था एनडीए सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सीधा सहयोग कर रही है।



