दरभंगा न्यूज: लहेरियासराय के पुलिस केंद्र में शुक्रवार को एक ऐसी खास परेड का आयोजन हुआ, जिसने पूरे शहर का ध्यान खींचा। यह सिर्फ एक सामान्य समारोह नहीं था, बल्कि कानून व्यवस्था के रखवालों की तैयारियों और अनुशासन का वो पैमाना था, जिसे खुद जिले के मुखिया ने करीब से परखा। आखिर क्या संदेश छिपा था इस भव्य रैतिक परेड में?
शुक्रवार को लहेरियासराय स्थित पुलिस केंद्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के कुशल नेतृत्व में एक भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस बल के जवानों ने अपने अनुशासन, समन्वय और तैयारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एसएसपी ने परेड का गहन निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी और उनकी कार्यक्षमता का जायजा लिया।
पुलिस परेड का महत्व और उद्देश्य
रैतिक परेड का आयोजन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह न केवल जवानों के शारीरिक दक्षता, वर्दी की स्वच्छता और अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि उनकी मानसिक तैयारियों और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की क्षमता को भी उजागर करता है। ऐसे आयोजन नियमित रूप से पुलिस बल को चुस्त-दुरुस्त रखने और उनकी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं, ताकि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हरदम तैयार रहें।
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इस परेड के माध्यम से एसएसपी ने बल के विभिन्न टुकड़ियों के मार्चपास्ट, शस्त्रों के रखरखाव और ड्रिल के प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन किया। पुलिसकर्मियों द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुशासित प्रदर्शन ने उनकी समर्पण भावना और कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित किया, जो किसी भी पुलिस बल के लिए अत्यंत आवश्यक है।
एसएसपी का निरीक्षण और दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने एक-एक जवान की वर्दी, उनके अनुशासन और हथियारों की स्थिति का व्यक्तिगत रूप से जायजा लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से उनकी चुनौतियों और तैयारियों पर भी संक्षिप्त चर्चा की। ऐसे निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि पुलिस बल हमेशा उच्च मनोबल और सर्वोत्तम तैयारी की स्थिति में रहे, ताकि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई कमी न आए और नागरिकों को सुरक्षित महसूस कराया जा सके।
एसएसपी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों में विशेष रूप से आगामी चुनौतियों और पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने जवानों को जन-सेवा और कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जो उनके कर्तव्यों का अभिन्न अंग है।
यह रैतिक परेड न केवल पुलिसकर्मियों के लिए एक अभ्यास था, बल्कि जिले की जनता के लिए भी यह संदेश था कि उनकी सुरक्षा और शांति के लिए पुलिस बल पूरी तरह से तैयार और सजग है। ऐसे आयोजन पुलिस और जनता के बीच विश्वास बहाली में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा मिलता है।





