मधुबनी न्यूज़: सरकारी बकायेदारों से वसूली की प्रक्रिया अब और भी प्रभावी होने वाली है। जिला प्रशासन ने नीलाम पत्र से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र ने अधिकारियों और कर्मियों को इस जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने के गुर सिखाए, जिससे मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद है।
नीलाम पत्र प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
जिलाधिकारी आनंद शर्मा के स्पष्ट निर्देश पर, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस सत्र का आयोजन अपर समाहर्त्ता, आपदा प्रबंधन, संतोष कुमार और नगर आयुक्त, नगर निगम, उमेश कुमार भारती के संयुक्त मार्गदर्शन में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में नीलाम पत्र से संबंधित सभी अभिलेखों और पंजियों के सही संधारण तथा वादों के प्रभावी निपटारे के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करना था।
प्रशिक्षण में सिखाई गई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं
नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने प्रशिक्षण के दौरान नीलाम पत्र से संबंधित विभिन्न धाराओं और नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किस प्रकार:
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- सर्टिफिकेट का अर्थना (दावे का प्रस्तुतिकरण) किया जाता है।
- सर्टिफिकेट वाद फाइल कैसे तैयार की जाती है।
- अभिलेख खोलते हुए विस्तृत विवरणी कैसे दर्ज की जाती है।
- धारा-7 के तहत नोटिस कैसे जारी किया जाता है।
- धारा-10 के तहत सुनवाई और दायित्व का निर्धारण कैसे होता है।
- धारा-18 के तहत कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया क्या है।
यह प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगा कि सरकारी बकाये की वसूली संबंधी सभी प्रक्रियाएं कानूनी रूप से सुदृढ़ और समयबद्ध तरीके से पूरी हों।
इन प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में मधुबनी जिले के विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की। इनमें शामिल थे:
- जिला पंचायती राज कार्यालय
- जिला कल्याण कार्यालय
- जिला शिक्षा कार्यालय
- डीआरडीए
- जिला सहकारिता कार्यालय
- जिला आपूर्ति कार्यालय
- जिला योजना कार्यालय
- जिला परिवहन कार्यालय
- जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय
- सामान्य शाखा
- जिला विकास शाखा
- जिला खेल कार्यालय
- जिला कोषागार
- सामाजिक सुरक्षा कोषांग
- जिला कृषि कार्यालय
इन सभी विभागों के अधिकारियों को नीलाम पत्र वादों के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
क्या होगा इसका असर?
प्रशासन का मानना है कि इस गहन प्रशिक्षण से नीलाम पत्र से संबंधित मामलों के निष्पादन में काफी तेजी आएगी। इससे न केवल सरकारी राजस्व की वसूली प्रक्रिया सुगम होगी, बल्कि लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन और प्रभारी पदाधिकारी, नीलाम पत्र शाखा, बिरजू दास सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे।
जनहित में महत्वपूर्ण सूचना:
बिहार में शराब का व्यापार एवं सेवन पूर्ण रूप से अवैध है। इससे संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप टोल-फ्री नंबर 15545 या 18003456268 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06276-222576 पर भी सूचना दी जा सकती है। आपकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।



