पटना से बड़ी खबर! सत्ता की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अपनी कार्यशैली से सबको चौंका दिया है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने किसी और काम का इंतजार नहीं किया, बल्कि सीधे विकास परियोजनाओं का जायजा लेने निकल पड़े। आखिर ऐसा क्या था जो उन्हें तत्काल प्रभाव से देखना जरूरी लगा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शपथ लेते ही बिहार में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) परिसर में निर्माणाधीन इमरजेंसी बिल्डिंग का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उनके इस दौरे का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुसार आगे बढ़ रहा है या नहीं।
तत्काल प्रभाव से सक्रिय हुए मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार का यह कदम उनकी पुरानी कार्यशैली की याद दिलाता है, जहां वे हमेशा सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी पर जोर देते रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद आमतौर पर शुरुआती दिन प्रशासनिक बैठकों और औपचारिकताओं में गुजरते हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने इन परंपराओं से हटकर सीधे जमीनी हकीकत का जायजा लेना बेहतर समझा। उनके इस फैसले ने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अलर्ट मोड पर ला दिया है।
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PMCH में इमरजेंसी बिल्डिंग का महत्व
PMCH में बन रही यह इमरजेंसी बिल्डिंग बिहार के स्वास्थ्य ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, खासकर इमरजेंसी सेवाओं के लिए। नई इमरजेंसी बिल्डिंग के निर्माण से न केवल मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी, बल्कि अस्पताल पर पड़ने वाले बोझ को भी कम किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान निर्माण कार्य की गति, उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और परियोजना के पूरा होने की संभावित तिथि के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
विकास कार्यों पर लगातार फोकस
यह सिर्फ PMCH का मामला नहीं है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य भर में चल रही अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं पर भी अपनी नजर बनाए रखी है। उनका मानना है कि सरकार की प्राथमिकता लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है और इसके लिए विकास कार्यों का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। उनके इस ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान से यह साफ संकेत मिलता है कि आगामी दिनों में बिहार में विकास परियोजनाओं को और गति मिलने वाली है।



