

मधुबनी, बिहार – जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण ई-कॉमर्स पोर्टल के विकास का गहन निरीक्षण किया। यह पोर्टल विशेष रूप से मिथिला चित्रकला के कलाकारों को समर्पित है और इसे मिथिला चित्रकला संस्थान तथा एनआईसी मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में विकसित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मिथिला पेंटिंग की समृद्ध कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है, जिससे स्थानीय कलाकारों को उनकी कला का उचित मूल्य मिल सके और उनकी आजीविका में सुधार हो।
कलाकारों के लिए डिजिटल मंच
यह ई-कॉमर्स पोर्टल मधुबनी की विश्व प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से, कलाकार सीधे अपने चित्रों को ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे, बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया जा सकेगा और कलाकृतियों की प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सकेगी। जिलाधिकारी ने पोर्टल के इंटरफ़ेस, उपयोगकर्ता अनुभव और भुगतान प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह कलाकारों और ग्राहकों दोनों के लिए सुलभ और कुशल हो।
तकनीकी सहयोग और भविष्य की योजनाएं
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मधुबनी इस पोर्टल के तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी को पोर्टल की वर्तमान स्थिति, इसमें शामिल की जाने वाली प्रमुख विशेषताओं और इसके लॉन्च की संभावित समय-सीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिलाधिकारी ने इस परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को पोर्टल को जल्द से जल्द कार्यात्मक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस मंच के माध्यम से कलाकारों को प्रशिक्षण और विपणन सहायता भी प्रदान की जाएगी।


