पटना। बिहार के खेतों की मिट्टी की सोंधी महक अब विदेशी धरती तक पहुंचने वाली है. राज्य के किसान जल्द ही हवाई जहाज पकड़कर उन देशों की यात्रा पर निकलेंगे, जहां खेती सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक विज्ञान है. आखिर सरकार ने ऐसा कौन सा ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है, जो बिहार की कृषि की तस्वीर हमेशा के लिए बदल सकता है?
बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ी और दूरदर्शी पहल की है. इस नई योजना के तहत, राज्य के प्रगतिशील किसानों को सब्जी उत्पादन की अत्याधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकें सीखने के लिए विदेश भेजा जाएगा. यह कदम राज्य में कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
खेती में आएगी ‘विदेशी’ क्रांति
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के तरीकों से आगे ले जाकर उन्हें वैश्विक स्तर की तकनीकों से परिचित कराना है. जानकारी के अनुसार, किसानों को उन देशों में भेजा जाएगा जो कृषि प्रौद्योगिकी, विशेषकर सब्जी उत्पादन में दुनिया में अग्रणी माने जाते हैं. वहां वे न केवल नई तकनीकें देखेंगे, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल तरीके से सीखेंगे भी. यह अनुभव उन्हें अपनी खेती की पद्धतियों में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा.
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सरकार का मानना है कि जब किसान खुद इन तकनीकों को अपनी आंखों से देखेंगे और सीखेंगे, तो वे इसे बेहतर ढंग से अपना पाएंगे. इस दौरे से लौटने के बाद ये किसान अपने क्षेत्र में ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में भी काम कर सकते हैं, जिससे ज्ञान का प्रसार तेजी से होगा.
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की एक महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन अभी भी यहां के अधिकतर किसान पारंपरिक तरीकों पर ही निर्भर हैं. इस वजह से प्रति हेक्टेयर उपज और मुनाफे की दर कई अन्य राज्यों की तुलना में कम है. सब्जी उत्पादन में बिहार में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सही तकनीक और जानकारी के अभाव में किसान इसका पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं. यह योजना इसी खाई को पाटने का काम करेगी.
इस विदेश यात्रा के माध्यम से किसानों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी मिलेगी, जैसे:
- कम पानी में अधिक उपज के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली.
- पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस में बेमौसमी सब्जियों की खेती.
- मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के लिए आधुनिक तरीके.
- फसल की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने के लिए सटीक खेती (Precision Farming).
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
इस पूरी कवायद का अंतिम लक्ष्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है. जब किसान नई तकनीक का इस्तेमाल करेंगे, तो उनकी उपज की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होगा. इससे उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय में सीधी वृद्धि होगी. सरकार की यह पहल बिहार को सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है.
फिलहाल, कृषि विभाग इस योजना की रूपरेखा और किसानों के चयन की प्रक्रिया पर काम कर रहा है. जल्द ही इस बारे में विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी कि कौन से किसान इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे और इसके लिए क्या मानदंड होंगे.



